उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खेल की भावना और अनुशासन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि हर पदक के पीछे संघर्ष और कभी हार नहीं मानने वाले संकल्प की एक कहानी होती है। योगी आदित्यनाथ पुलिस द्वारा आयोजित द्वितीय अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन क्लस्टर प्रतियोगिता की शुरुआत करने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर पदक के पीछे संघर्ष और कभी हार नहीं मानने वाले संकल्प की एक कहानी होती है। हमारी मेहनत हमें लक्ष्य तक पहुंचाती है। जितना पसीना बहेगा जीत उतनी बड़ी होगी। खेल हमें गिरना, उठना और फिर जीतना सिखाता है।
प्राचीन परंपरा और स्वस्थ शरीर: यूपी में 1400 खिलाड़ियों का महाकुंभ
योगी आदित्यनाथ ने प्रतियोगिता का जिक्र करते हुए कहा कि इसका आयोजन पहली बार उप्र में हो रहा है और 5 दिवसीय इस टूर्नामेंट में 1400 खिलाड़ियों को भाग लेने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से भारत में खेल और खेलकूद की गतिविधियों को प्रोत्साहन देने की परंपरा रही है। हमारी परंपरा यह मानती रही है कि जीवन के जितने भी साधन हैं, वह स्वस्थ शरीर से ही संभव हो सकते हैं। योगी ने जोर देकर कहा कि सभी साधनों को प्राप्त करने के लिए शरीर को स्वस्थ होना जरूरी है और व्यक्ति दैनिक कार्यक्रमों के साथ खेलकूद की गतिविधियों को हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ही अपने यहां कबड्डी, कुश्ती, खो खो, मलखंभ, धनुष विद्या, शतरंज, तलवारबाजी ये सभी जीवन का एक हिस्सा रहा है। हमारे यहां अखाड़ा शब्द ही इस बात के लिए दिया गया है कि ज्ञान की परंपरा और शरीर को स्वस्थ रखा जाए।
मैदान के सबक किताबों से बड़े, 56% युवा आबादी ही राज्य की असली शक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 करोड़ की आबादी इस राज्य में निवास कर रही है और इनमें 56 प्रतिशत युवा हैं। जनसंख्या जितनी स्वस्थ होगी उतना ही बेहतर परिणाम मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि खेल के मैदान में जो पाठ पढ़ाये जाते हैं, वह पाठ्य पुस्तकों में मिलना कठिन होता है। उन्होंने कहा कि खेल के मैदान में अनुशासन, दृढ़ संकल्प और समर्पण के बारे में सीखा जाता है। योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि अपने जीवन में हमें अपने हौसलों और सपनों को कभी टूटने नहीं देना चाहिए।


