युवा शिक्षा और काम के लिए घर से दूर जा रहे हैं और बुजुर्ग माता-पिता के लिए समय पर चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करना एक बढ़ती चिंता का विषय बन गया है।
इस समस्या का समाधान करने के लिए तमिलनाडु के एक डॉक्टर ने ‘डॉक्टर ऑन व्हील्स’ नामक एक अभिनव पहल शुरू की है, जिसके तहत स्वास्थ्य सेवाएं सीधे मरीजों के घर तक पहुंचाई जाती हैं।
डॉक्टर जाते हैं मरीज के पास
कई बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए अस्पताल पहुंचना अक्सर एक बड़ी चुनौती होती है। स्थिति तब और भी कठिन हो जाती है जब उनके बच्चे विदेश में या दूर के शहरों में रहते हैं। इस कमी को पहचानते हुए मदुरै के डॉ. मिनाथन ने ‘डाक्टर ऑन व्हील्स’ सेवा शुरू की है, जिसमें डाक्टर मरीजों के पास जाते हैं, न कि मरीज डॉक्टर के पास।
कनाडा से पढ़ाई कर भारत लौटे डॉ. स्वामिनाथन
तिरुचिरापल्ली में जन्मे और कनाडा में पले-बढ़े डॉ. स्वामिनाथन अपनी चिकित्सा शिक्षा पूरी करने के बाद भारत लौट आए। एक निजी मेडिकल कालेज में काम करते हुए उन्होंने देखा कि कई बुजुर्ग मरीजों को चलने-फिरने और अन्य सुविधाओं की कमी के कारण अस्पताल में इलाज नहीं मिल पाता था। इसी को समझते हुए उन्होंने 2019 में इसकी शुरुआत की।
भारत में रहकर काम करने के अपने फैसले के बारे में बताते हुए डा. स्वामिनाथन ने कहा, ”मुझे अपने पेशे से इतना लगाव हो गया कि मैंने वापस जाने के बजाय यहीं रहकर अपना सर्वश्रेष्ठ देने का फैसला किया। मेरा मानना है कि डाक्टरों को अपने देश की सेवा करनी चाहिए, खासकर ऐसे देश में जहां स्वास्थ्य सेवाओं की इतनी अधिक आवश्यकता है।”
इस तरह की सुविधाएं
यह पहल एक विशेष रूप से डिजाइन की गई मिनी-एंबुलेंस के माध्यम से संचालित होती है, जो आइसीयू स्तर की सुविधाओं से लैस एक मोबाइल क्लिनिक की तरह काम करती है। टीम घर पर परामर्श प्रदान करती है, दवाइयां पहुंचाती है, खून की जांच करती है और रोगी के घर पर ही पोर्टेबल एक्स-रे, ईसीजी और अल्ट्रासाउंड जैसी जांच सेवाएं प्रदान करती है।


