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	<title>उत्तराखंड &#8211; Ameer Bharat | अमीर भारत</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment News</description>
	<lastBuildDate>Fri, 15 May 2026 06:32:07 +0000</lastBuildDate>
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		<title>नीलकंठ पर्वत की तलहटी के पास ध्यान गुफा में साधनारत हैं धीरेंद्र शास्त्री</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/160481/</link>
		
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		<pubDate>Fri, 15 May 2026 06:32:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों बदरीनाथ धाम में नीलकंठ पर्वत की तलहटी में स्थित ध्यान गुफा में विशेष साधना कर रहे हैं। 25 मई तक गुफा में ध्यान करने के बाद 26 मई से बदरीनाथ धाम में कथा का आयोजन किया जाएगा जिसमें देशभर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। धीरेंद्र शास्त्री &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="817" height="461" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/7-12.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/7-12.jpg 817w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/7-12-768x433.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/7-12-390x220.jpg 390w" sizes="(max-width: 817px) 100vw, 817px"></p>
<p>बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों बदरीनाथ धाम में नीलकंठ पर्वत की तलहटी में स्थित ध्यान गुफा में विशेष साधना कर रहे हैं। 25 मई तक गुफा में ध्यान करने के बाद 26 मई से बदरीनाथ धाम में कथा का आयोजन किया जाएगा जिसमें देशभर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।</p>
<p>धीरेंद्र शास्त्री छह मई को बदरीनाथ धाम पहुंचे थे। नौ मई को बदरीनाथ मंदिर में दर्शन करने के बाद वे नगर पंचायत की ध्यान गुफा में साधनारत हो गए। बताया जा रहा है कि उन्होंने नौ से 25 मई तक साधना के लिए अनुमति ली है। नगर पंचायत के ईओ सुनील पुरोहित ने बताया कि धीरेंद्र शास्त्री की ओर से ध्यान गुफा में साधना की अनुमति मांगी गई थी।</p>
<p><strong>विशेष साधना का संकल्प लिया</strong><br />वहीं चारधाम होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता ने बताया कि धीरेंद्र शास्त्री 25 मई तक यहां ध्यानरत रहेंगे और 26 मई से धाम में कथा करेंगे। धीरेंद्र शास्त्री पिछले तीन वर्षों से लगातार बदरीनाथ धाम की यात्रा पर पहुंच रहे हैं। इस बार उन्होंने विशेष साधना का संकल्प लिया है।</p>
<p>वे बदरीनाथ में खाकचौक के महंत बालकदास के शिष्य भी हैं। कथा आयोजन को लेकर बदरीनाथ धाम में तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। आयोजकों के अनुसार कथा में कवि कुमार विश्वास के भी शामिल होने की संभावना है। कथा और साधना कार्यक्रम के चलते धाम में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।</p>
</div>
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		<title>बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में दिव्यांगों व बुजुर्गों को अलग से होंगे दर्शन</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/160477/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 May 2026 06:32:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में दिव्यांगों व बुजुर्गों को लेकर बीकेटीसी ने नई व्यवस्था बनाई है। सुबह व शाम के समय आधा-आधा घंटे का समय दर्शन के लिए निर्धारित होगा। 70 वर्ष व उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को आधार कार्ड दिखाना होगा। चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में दिव्यांगों व बुजुर्गों को दर्शन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="828" height="471" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/3-20.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/3-20.jpg 828w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/3-20-768x437.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 828px) 100vw, 828px"></p>
<p>बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में दिव्यांगों व बुजुर्गों को लेकर बीकेटीसी ने नई व्यवस्था बनाई है। सुबह व शाम के समय आधा-आधा घंटे का समय दर्शन के लिए निर्धारित होगा। 70 वर्ष व उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को आधार कार्ड दिखाना होगा।</p>
<p>चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में दिव्यांगों व बुजुर्गों को दर्शन के लिए लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। पहली बार बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) दिव्यांगाें व बुजुर्गों के लिए अलग से दर्शन की व्यवस्था कर रही है। इसके लिए एसओपी भी तैयार कर ली गई है।</p>
<p>बदरीनाथ व केदारनाथ में अभी तक दिव्यांगाें व बुजुर्गों के लिए दर्शन की कोई अलग से व्यवस्था नहीं है। उन्हें भी आम श्रद्धालुओं की तरह लाइन में दर्शन करने पड़ते हैं। बीकेटीसी ने दिव्यांग व 70 वर्ष व उससे अधिक आयु के बुजुर्गों के सुगम दर्शन की व्यवस्था बनाई है। इससे धामों में दिव्यांगों व बुजुर्गों को दर्शन करने में बड़ी राहत मिलेगी। बीकेटीसी ने नई व्यवस्था को लागू करने के लिए मानव प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर ली है। जल्द ही नई व्यवस्था धामों में लागू की जाएगी।</p>
<p>एसओपी के अनुसार शारीरिक व मानसिक रूप से दिव्यांग, बुजुर्ग श्रद्धालुओं को दर्शन करने से पहले अनिवार्य रूप से मंदिर समिति के काउंटर पर पंजीकरण कराया जाएगा। बुजुर्गों को आधार कार्ड व दिव्यांगों को दिव्यांगता प्रमाणपत्र दिखाना होगा। बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में सुबह व शाम को आधा घंटे का समय निर्धारित किया जाएगा।</p>
<p><strong>जल्द व्यवस्था लागू होगी</strong><br />बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में आने वाले दिव्यांग व बुजुर्ग श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए बीकेटीसी ने नई व्यवस्था बनाने की पहल की है। इससे दिव्यांगों व बुजुर्गों को आम श्रद्धालुओं की तरह दर्शन करने के लिए लाइन में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उनके दर्शन के लिए अलग से समय निर्धारित किया जाएगा। जल्द ही इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। -हेमंत द्विवेदी, अध्यक्ष, बीकेटीसी</p>
<p><strong>अब तक चारों धामों में 13.32 लाख लोग कर चुके दर्शन<br /></strong>चारधाम यात्रा में अब तक 13.32 लाख से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। मौसम की चुनौतियों के बावजूद धामों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। एक दिन में औसतन 70 से 80 हजार श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। केदारनाथ में अब तक 5.50 लाख, बदरीनाथ में अब तक 3.44 लाख, गंगोत्री में अब तक 2.18 लाख, यमुनोत्री में अब तक 2.20 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।</p>
</div>
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		<item>
		<title>देहरादून समेत आठ जिलों में आज बारिश का यलो अलर्ट</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/160479/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 May 2026 06:32:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[मौसम विज्ञान विभाग की ओर से देहरादून समेत प्रदेश के आठ जिलों में शुक्रवार को बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां पर तेज गर्जन के साथ हल्की बारिश की संभावना है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विज्ञानी रोहित थपलियाल ने बताया कि &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="809" height="457" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/5-26.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/5-26.jpg 809w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/5-26-768x434.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/5-26-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 809px) 100vw, 809px"></p>
<p>मौसम विज्ञान विभाग की ओर से देहरादून समेत प्रदेश के आठ जिलों में शुक्रवार को बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां पर तेज गर्जन के साथ हल्की बारिश की संभावना है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं।</p>
<p>मौसम विज्ञानी रोहित थपलियाल ने बताया कि दून के अलावा उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, टिहरी, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में हल्की से हल्की बारिश देखने को मिलेगी। तेज हवाएं चलने से कोई भी नुकसान न हो इसके लिए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने के लिए कहा गया है।</p>
</div>
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			</item>
		<item>
		<title>उत्तराखंड: पीएम मोदी के सोना न खरीदने की अपील से सराफा कारोबारी नाराज</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/160467/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 May 2026 06:31:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[उत्तराखंड: प्रधानमंत्री मोदी के आभूषणों की खरीदारी न करने की अपील का असर स्वर्ण कारोबारियों और निर्माताओं पर पड़ता दिख रहा है। सोना न खरीदने की बात ने कारोबार को आर्थिक नुकसान की ओर धकेल दिया है।नाराज सराफा कारोबारी आज प्रदेशभर में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोना न खरीदने के बयान के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="809" height="467" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/5-24.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/5-24.jpg 809w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/5-24-768x443.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 809px) 100vw, 809px"></p>
<p><strong>उत्तराखंड:</strong> प्रधानमंत्री मोदी के आभूषणों की खरीदारी न करने की अपील का असर स्वर्ण कारोबारियों और निर्माताओं पर पड़ता दिख रहा है। सोना न खरीदने की बात ने कारोबार को आर्थिक नुकसान की ओर धकेल दिया है।नाराज सराफा कारोबारी आज प्रदेशभर में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करेंगे।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोना न खरीदने के बयान के विरोध में प्रदेशभर में सराफा कारोबारी सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे। बुधवार को ज्वैलर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तरांचल ने इसका ऐलान किया। दून में भी सराफा मंडल में विरोध जताया जाएगा।</p>
<p>प्रदेश महासचिव गुरजीत सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के आभूषणों की खरीदारी न करने की अपील का विपरीत असर स्वर्ण कारोबारियों और निर्माताओं पर पड़ता दिख रहा है। सोना न खरीदने की बात ने इस कारोबार को आर्थिक नुकसान की ओर धकेल दिया है। सोना भारत की सभ्यता का प्रतीक है और हर त्योहार में सोने-चांदी की खरीदारी को शुद्धता और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है।</p>
<p>उत्तराखंड के सभी सराफा कारोबारी बृहस्पतिवार को अपने-अपने क्षेत्रों में मोमबत्ती जलाकर इस आयात शुल्क की बढ़ोतरी और सोना न खरीदने की अपील के प्रति सांकेतिक विरोध करेंगे। सराफा मंडल देहरादून के अध्यक्ष सुनील मैंसोन ने बताया कि देहरादून में शाम सात बजे धामावाला स्थित सराफा बाजार में कैंडल जलाकर विरोध जताया जाएगा।</p>
<p><strong>सोना हुआ 10 हजार महंगा, व्यापारियों की बढ़ी चिंता<br /></strong>बुधवार को एक ही दिन में सोने के दाम 10 हजार रुपये तक बढ़ गए। दरअसल, सोने पर आयात शुल्क छह से बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक बढ़ाया गया। इसके कारण सोना दस हजार रुपये तक महंगा हो गया। सराफा मंडल, दून के अनुसार, बुधवार को 24 कैरेट सोने के दाम 1.66 लाख 500 रुपये तक पहुंच गए।</p>
<p>जबकि एक दिन पहले इसके दाम 1.55 लाख रुपये तक थे। इसे लेकर व्यापारियों में भी चिंता बढ़ गई। सराफा मंडल के अध्यक्ष सुनील मैंसोन ने बताया कि एक ही दिन में आयात शुल्क बढ़ने के कारण 10 हजार रुपये तक बढ़ गए। इससे लोगों को सोना खरीदने में दिक्कतें होंगी। आगे सोने के दाम और बढ़ने की संभावना रहेगी।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उत्तराखंड: नया रिकॉर्ड बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही चारधाम यात्रा</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/160469/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 May 2026 06:31:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[चारधाम यात्रा नया रिकॉर्ड बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यात्रा में अब तक 12.60 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। बुधवार को चारों धामों में एक दिन में 80 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। चारधाम यात्रा शुरू हुए 25 दिन हो चुके हैं। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में दर्शन करने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="813" height="457" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/5-25.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/5-25.jpg 813w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/5-25-768x432.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/5-25-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 813px) 100vw, 813px"></p>
<p>चारधाम यात्रा नया रिकॉर्ड बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यात्रा में अब तक 12.60 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। बुधवार को चारों धामों में एक दिन में 80 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। चारधाम यात्रा शुरू हुए 25 दिन हो चुके हैं। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 12.60 लाख पार कर चुका है। केदारनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है।</p>
<p>22 दिनों में ही 5.23 लाख से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्र की यात्रा होने से प्रदेश सरकार यहां मौसम के मिजाज पर भी पूरी नजर रखे हुए है। मुख्यमंत्री धामी ने शीर्ष अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मौसम प्रतिकूल होने पर हर एक श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री धामी ने कहा, चारधाम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।</p>
<p><strong>भीड़ नियंत्रण प्रणाली को प्रभावी बनाया गया<br /></strong>श्रद्धालु सुगमता से दर्शन कर सकें, इसके लिए स्लॉट प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण प्रणाली को प्रभावी बनाया गया है। रियल टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य होने के बाद धाम दिव्य और भव्य रूप में नजर आ रहा है।</p>
<p>पैदल यात्रा मार्ग को बेहतर बनाए जाने से श्रद्धालुओं की राह आसान हुई है। सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा के लिए सरकार ने हरसंभव कदम उठाए हैं। मौसम पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी तंत्र बनाया गया है। हर परिस्थिति से निपटने के लिए सरकार तैयार है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नौकरशाही में बड़े फेरबदल की तैयारी, कई आईएएस के विभागों में होगा बदलाव</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/160441/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 06:31:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[उत्तराखंड: धामी सरकार प्रदेश की नौकरशाही में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। कई वरिष्ठ आईएएस लंबे समय से एक ही विभाग संभाल रहे हैं। इस बार इनमें भी बदलाव की संभावना है। प्रदेश की नौकरशाही में बड़े फेरबदल की तैयारी है। जहां शासन स्तर पर कई आईएएस के विभागों में बदलाव होगा तो वहीं &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="821" height="466" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/5-22.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/5-22.jpg 821w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/5-22-768x436.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/5-22-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 821px) 100vw, 821px"></p>
<p><strong>उत्तराखंड: </strong>धामी सरकार प्रदेश की नौकरशाही में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। कई वरिष्ठ आईएएस लंबे समय से एक ही विभाग संभाल रहे हैं। इस बार इनमें भी बदलाव की संभावना है।</p>
<p>प्रदेश की नौकरशाही में बड़े फेरबदल की तैयारी है। जहां शासन स्तर पर कई आईएएस के विभागों में बदलाव होगा तो वहीं कई जिलों में भी डीएम, एसएसपी बदले जाएंगे। सचिव स्वास्थ्य सचिन कुर्वे के चेन्नई पोर्ट अथॉरिटी के चेयरपर्सन बन गए हैं। लिहाजा, जल्द ही यहां से रिलीव होने वाले हैं।</p>
<p>इस नाते स्वास्थ्य जैसा महत्वपूर्ण महकमा भी किसी को सौंपा जाएगा। इसके अलावा कई वरिष्ठ आईएएस लंबे समय से एक ही विभाग संभाल रहे हैं। इस बार इनमें भी बदलाव की संभावना है। वहीं, कई जिलों के डीएम आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तीन वर्ष की अवधि पूरी करने के कारण हटाए जाएंगे।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उत्तराखंड: AI से होगा बिजली की मांग का सटीक आकलन</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/160443/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 06:31:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[उत्तराखंड में भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने और अघोषित बिजली कटौती से निपटने के लिए उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने तैयारी शुरू कर दी है। आयोग ने संसाधन पर्याप्तता ढांचा (रिसोर्स एडिक्वेसी फ्रेमवर्क) नियमावली 2026 का मसौदा जारी किया है। इसके तहत अब राज्य में अगले 10 वर्षों की बिजली मांग और आपूर्ति &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="806" height="459" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/6-17.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/6-17.jpg 806w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/6-17-768x437.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 806px) 100vw, 806px"></p>
<p>उत्तराखंड में भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने और अघोषित बिजली कटौती से निपटने के लिए उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने तैयारी शुरू कर दी है। आयोग ने संसाधन पर्याप्तता ढांचा (रिसोर्स एडिक्वेसी फ्रेमवर्क) नियमावली 2026 का मसौदा जारी किया है। इसके तहत अब राज्य में अगले 10 वर्षों की बिजली मांग और आपूर्ति का सटीक खाका तैयार किया जाएगा। इस मसौदे पर 12 जून तक सुझाव दे सकते हैं।</p>
<p>नए नियमों के अनुसार, बिजली वितरण कंपनियों को अब पारंपरिक तरीकों के बजाए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करना होगा। भविष्य में कितनी बिजली की जरूरत पड़ेगी, इसका अंदाजा लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों की मदद ली जाएगी। इसमें मौसम के डाटा, जनसंख्या वृद्धि और आर्थिक बदलावों को भी आधार बनाया जाएगा।</p>
<p>अक्सर देखा जाता है कि गर्मियों या त्योहारों के दौरान जब बिजली की मांग अचानक बढ़ती है तो आपूर्ति कम पड़ जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए आयोग ने प्लानिंग रिजर्व मार्जिन (पीआरएम) का प्रावधान किया है। यानी यूपीसीएल को अपनी अनुमानित अधिकतम मांग से कुछ प्रतिशत अधिक बिजली का इंतजाम पहले से रखना होगा।</p>
<p><strong>बिजली खरीद के लिए नए नियम<br /></strong>आयोग ने बिजली खरीद के लिए भी कड़े मानक तय किए हैं। वितरण कंपनियों (यूपीसीएल) को अपनी कुल जरूरत का 80 से 85 प्रतिशत हिस्सा दीर्घकालिक अनुबंधों के जरिए जुटाना होगा ताकि बाजार में बिजली की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर उपभोक्ताओं पर न पड़े। वहीं, पनबिजली के साथ-साथ सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के बीच बेहतर संतुलन बनाने पर भी जोर दिया गया है।</p>
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		<title>सीएम धामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक आज</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/160445/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 06:31:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक होगी। कैबिनेट में विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, कृषि, बागवानी, शहरी विकास सहित अन्य विभागों के प्रस्ताव पर कैबिनेट में मुहर लगने की संभावना है। इसके अलावा कार्मिक विभाग की ओर से कर्मचारियों से संबंधित प्रस्तावों को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="790" height="458" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/r.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/r.jpg 790w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/r-768x445.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px"></p>
<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक होगी। कैबिनेट में विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, कृषि, बागवानी, शहरी विकास सहित अन्य विभागों के प्रस्ताव पर कैबिनेट में मुहर लगने की संभावना है।</p>
<p>इसके अलावा कार्मिक विभाग की ओर से कर्मचारियों से संबंधित प्रस्तावों को कैबिनेट में रखा जाएगा।</p>
</div>
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		<title>उत्तराखंड: 2035 तक प्रदेश में 869 करोड़ यूनिट बढ़ेगी बिजली की मांग</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/160421/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 May 2026 09:32:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[साल 2035-36 तक उत्तराखंड की पीक बिजली मांग 4100 मेगावाट के स्तर को पार कर सकती है। वित्त वर्ष 2026-27 में उत्तराखंड की पीक बिजली मांग 2883 मेगावाट रहने का अनुमान है, जो 2030-31 तक बढ़कर 3332 मेगावाट और 2035-36 तक 4113 मेगावाट तक पहुंच जाएगी। उत्तराखंड में अगले 10 साल में बिजली की मांग &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="817" height="465" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/3-14.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/3-14.jpg 817w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/3-14-768x437.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 817px) 100vw, 817px"></p>
<p>साल 2035-36 तक उत्तराखंड की पीक बिजली मांग 4100 मेगावाट के स्तर को पार कर सकती है। वित्त वर्ष 2026-27 में उत्तराखंड की पीक बिजली मांग 2883 मेगावाट रहने का अनुमान है, जो 2030-31 तक बढ़कर 3332 मेगावाट और 2035-36 तक 4113 मेगावाट तक पहुंच जाएगी।</p>
<p>उत्तराखंड में अगले 10 साल में बिजली की मांग 869 करोड़ यूनिट तक बढ़ जाएगी। इस मांग की पूर्ति करने के लिए राज्य में उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना पर काम हो रहा है। इसके लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) की तर्ज पर अब उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग लॉन्ग-टर्म नेशनल रिसोर्स एडिक्वेसी प्लान (2026-27 से 2035-36) तैयार करने में जुटा है।</p>
<p>सीईए की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2035-36 तक राज्य की पीक बिजली मांग 4100 मेगावाट के स्तर को पार कर सकती है। वित्त वर्ष 2026-27 में उत्तराखंड की पीक बिजली मांग 2883 मेगावाट रहने का अनुमान है, जो 2030-31 तक बढ़कर 3332 मेगावाट और 2035-36 तक 4113 मेगावाट तक पहुंच जाएगी। राज्य की वार्षिक ऊर्जा आवश्यकता 2026-27 में 1,755.7 करोड़ यूनिट से बढ़कर 2035-36 तक 2,635.2 करोड़ यूनिट होने की उम्मीद है।</p>
<p>रिपोर्ट में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि मांग केवल दिन में ही नहीं बल्कि रात के समय (नॉन-सोलर घंटों) में भी चुनौतीपूर्ण होगी। साल 2026-27 के लिए अनुमान है कि सोलर घंटों के दौरान उत्तराखंड की कोइन्सिडेंट पीक मांग 2651 मेगावाट होगी जबकि नॉन-सोलर घंटों (रात-शाम) में यह बढ़कर 2763 मेगावाट हो जाएगी।यह अंतर दर्शाता है कि राज्य को रात के समय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संसाधनों की योजना बनानी होगी। नियामक आयोग के सचिव नीरज सती ने बताया कि राज्य के रिसोर्स एडिक्वेसी प्लान पर काम शुरू किया जा चुका है।</p>
</div>
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		<title>इसी महीने उत्तराखंड आएंगे भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/160393/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 May 2026 09:31:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को मई के पहले सप्ताह में ही तीन दिवसीय प्रवास पर देहरादून आना था। पार्टी ने तैयारियां भी पूरी कर ली थीं लेकिन पांच राज्यों की मतगणना के कारण दौरा टाल दिया गया। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इसी महीने के आखिर में उत्तराखंड आएंगे। रविवार को मुख्यमंत्री &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="760" height="450" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/05/3-11.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async"></p>
<p>राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को मई के पहले सप्ताह में ही तीन दिवसीय प्रवास पर देहरादून आना था। पार्टी ने तैयारियां भी पूरी कर ली थीं लेकिन पांच राज्यों की मतगणना के कारण दौरा टाल दिया गया।</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इसी महीने के आखिर में उत्तराखंड आएंगे। रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने उनसे शिष्टाचार भेंट की और चारधाम यात्रा पर आने का निमंत्रण दिया।</p>
<p>राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को मई के पहले सप्ताह में ही तीन दिवसीय प्रवास पर देहरादून आना था। पार्टी ने तैयारियां भी पूरी कर ली थीं लेकिन पांच राज्यों की मतगणना के कारण दौरा टाल दिया गया। रविवार को नई दिल्ली में उनसे मिलने पहुंचे सीएम धामी और अध्यक्ष भट्ट ने उन्हें उत्तराखंड आने का निमंत्रण दिया। अब नवीन मई के आखिरी सप्ताह में देहरादून आएंगे। पार्टी अध्यक्ष अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तैयारियों का जायजा लेंगे।</p>
<p>प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि उन्होंने वर्तमान में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी भी ली। अभी तक प्रदेश में 304 मंडल स्तरीय प्रशिक्षण हो चुके हैं। कई संगठनात्मक जिलों में प्रशिक्षण 25 मई तक पूरे हो जाएंगे। माना जा रहा है कि उनका दौरा इसके बाद ही होगा।</p>
<p><strong>प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक की तैयारियां परखेंगे<br /></strong>राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दौरे के दौरान संगठन पदाधिकारियों संग बैठक करेंगे। विधायक, मंत्रियों की अलग-अलग बैठक लेंगे। इसके अलावा बूथ स्तर, जिला स्तर, कोर कमेटी के साथ भी बैठक करेंगे। जोर इस बात पर होगा कि आपसी तालमेल के साथ कैसे जीत की हैट्रिक लगाई जाए।</p>
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