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	<title>राज्य &#8211; Ameer Bharat | अमीर भारत</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment News</description>
	<lastBuildDate>Sun, 28 Jun 2026 12:33:50 +0000</lastBuildDate>
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		<title>सुबह से चढ़ा पारा, मैदानी इलाकों में फिलहाल बारिश के आसार नहीं, गर्मी करेगी परेशान</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/161290/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 12:33:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में फिलहाल बारिश के आसार नहीं है। ऐसे में गर्मी के साथ उमस परेशान करेगी। हालांकि पर्वतीय जिलों के कुछ हिस्सों में तेज आंधी चलने से परेशानियां बढ़ सकती है। इस साल मानसून करीब सप्ताह भर की देरी से प्रदेश में पहुंचेगा। आंकड़ों पर नजर डालें तो शनिवार को दून का &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="822" height="463" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/6-27.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/6-27.jpg 822w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/6-27-768x433.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/6-27-390x220.jpg 390w" sizes="(max-width: 822px) 100vw, 822px"></p>
<p>उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में फिलहाल बारिश के आसार नहीं है। ऐसे में गर्मी के साथ उमस परेशान करेगी। हालांकि पर्वतीय जिलों के कुछ हिस्सों में तेज आंधी चलने से परेशानियां बढ़ सकती है।</p>
<p>इस साल मानसून करीब सप्ताह भर की देरी से प्रदेश में पहुंचेगा। आंकड़ों पर नजर डालें तो शनिवार को दून का अधिकतम तापमान सामान्य से 4.9 डिग्री बढ़ोतरी के साथ 37.0 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले बीते शुक्रवार को भी अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री बढ़ोतरी के साथ 36.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। दिनभर चटक धूप और गर्म हवाओं के चलने से उमस बढ़ गई है। उधर पर्वतीय इलाकों में भी दिन के समय चटक धूप खिलने से गर्मी परेशान कर रही है।</p>
<p>मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 28 जून को पर्वतीय जिलों के कुछ इलाकों में बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा। दून में दिन का अधिकतम तापमान 37 और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री रहने के आसार हैं।</p>
</div>
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		<item>
		<title>चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे पर सेना के जवानों का रोमांचकारी प्रदर्शन</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/161288/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 09:33:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[सोमवार को सेना के पैरा यूनिट के जवानों द्वारा पैराग्लाइडिंग का अभ्यास किया जाएगा। इससे पहले जवानों ने आज पैराग्लाइडिंग का रोमांचकारी प्रदर्शन किया। चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे पर आज सेना के जवानों ने इंजन चलित सिंगल और डबल सीटर पैरा ग्लाइडर से हवाई अड्डे के ऊपर रोमांचकारी प्रदर्शन किया। आसपास के निवासी सेना के पैराग्लाइडिंग &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="812" height="463" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/8-15.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/8-15.jpg 812w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/8-15-768x438.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 812px) 100vw, 812px"></p>
<p>सोमवार को सेना के पैरा यूनिट के जवानों द्वारा पैराग्लाइडिंग का अभ्यास किया जाएगा। इससे पहले जवानों ने आज पैराग्लाइडिंग का रोमांचकारी प्रदर्शन किया।</p>
<p>चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे पर आज सेना के जवानों ने इंजन चलित सिंगल और डबल सीटर पैरा ग्लाइडर से हवाई अड्डे के ऊपर रोमांचकारी प्रदर्शन किया। आसपास के निवासी सेना के पैराग्लाइडिंग के प्रदर्शन का लुत्फ उठा रहे हैं।</p>
<p>वहीं, सोमवार को सेना के पैरा यूनिट के जवानों द्वारा 20-25 हजार की ऊंचाई से एएन 32 विमान से पैराशूट का अभ्यास करने के लिए सेना और वायुसेना के अधिकारी और जवान कम्युनिकेशन और अन्य आवश्यक सुविधाएं जुटाने की तैयारियां कर रहे हैं।</p>
</div>
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		<item>
		<title>सीएम योगी 30 जून को बरेली में करेंगे मंडलीय समीक्षा</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/161284/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 06:34:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 30 जून को बरेली में मंडलीय समीक्षा बैठक करेंगे। इसके साथ ही वह रामायण वाटिका का लोकार्पण भी कर सकते हैं। उनके प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन तैयारियां में जुटा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बरेली दौरे की तारीख लगभग तय हो गई है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, 29 जून को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="816" height="460" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/6-26.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/6-26.jpg 816w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/6-26-768x433.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/6-26-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 816px) 100vw, 816px"></p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 30 जून को बरेली में मंडलीय समीक्षा बैठक करेंगे। इसके साथ ही वह रामायण वाटिका का लोकार्पण भी कर सकते हैं। उनके प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन तैयारियां में जुटा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बरेली दौरे की तारीख लगभग तय हो गई है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, 29 जून को वह प्लेन से त्रिशूल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से हेलिकॉप्टर के जरिये पीलीभीत फिर मुरादाबाद जाएंगे। वहां रात्रि विश्राम के बाद 30 जून को रामपुर में जनसभा को संबोधित करेंगे। वहां से वह फिर हेलिकॉप्टर से बरेली पुलिस लाइन पहुंचेंगे और सर्किट हाउस में मंडलीय समीक्षा बैठक करेंगे। शाम को रामगंगानगर में बीडीए की रामायण वाटिका का लोकार्पण भी कर सकते हैं।</p>
<p>शासन की ओर से अभी सीएम के दौरे का कार्यक्रम तो जारी नहीं किया गया है, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय से जिले के अफसरों को प्रस्तावित तिथि की जानकारी दे दी गई है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य, एसपी सिटी मानुष पारीक समेत पुलिस और प्रशासन के कई अफसरों ने शनिवार को सर्किट हाउस और त्रिशूल एयरपोर्ट पहुंचकर तैयारियों को परखा। सर्किट हाउस में रंग-रोगन, फुटपाथ की मरम्मत के कार्यों का जायजा लिया। सभागार में चल रहे कार्यों का निरीक्षण करने के बाद जरूरी दिशा-निर्देश दिए। पार्किंग स्थल सहित सर्किट हाउस से त्रिशूल एयरपोर्ट तक के रास्ते पर यातायात व्यवस्था को परखा।</p>
<p><strong>दोपहर का भोजन बरेली में करेंगे सीएम योगी<br /></strong>त्रिशूल एयरपोर्ट पर आने के बाद सीएम के अगले कार्यक्रम की स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है। अगर सीएम दोपहर का भोजन बरेली में करेंगे तो वह सड़क मार्ग से सर्किट हाउस पहुंचेंगे और फिर पुलिस लाइन से हेलिकॉप्टर के जरिये पीलीभीत रवाना होंगे। इसके अलावा, एयरपोर्ट से हेलिकॉप्टर के जरिये सीधे भी पीलीभीत जा सकते हैं।</p>
<p><strong>जनसभा होने पर संशय<br /></strong>मुख्यमंत्री की मंडलीय समीक्षा के मद्देनजर बरेली के साथ पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर में भी बैठकों और तैयारियों का दौर जारी है। सीएम की प्राथमिकता वाले कामों की अलग-अलग रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सीएम ग्रिड योजना की भी समीक्षा होनी है। बीते दिनों जल निगम के कामों में बड़ी गड़बड़ी सामने आ चुकी है। ऐसे में जल निगम के अधिकारी भी प्रगति रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री की ओर से करीब 4000 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी प्रस्तावित है, लेकिन जनसभा न होने से इस पर संशय है।</p>
<p><strong>लाइटों से सजा बीडीए, रामायण वाटिका भी तैयार<br /></strong>बीडीए कार्यालय के बगल में 33 हजार वर्गमीटर भूमि पर 46 करोड़ की लागत से विकसित रामायण वाटिका में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। यहां 51 फीट ऊंची भगवान राम की प्रतिमा भी स्थापित की गई है। बीडीए कार्यालय परिसर को भी लाइटों से सजाया गया है। परिसर में जो भी कमियां थीं, उन्हें दूर कर लिया गया है। रामायण वाटिका में सीएम के भ्रमण के दौरान लेजर शो भी होगा।</p>
<p><strong>पीडब्ल्यूडी के 774 कार्यों को देंगे मंजूरी<br /></strong>मुख्यमंत्री पीडब्ल्यूडी की मंडलीय कार्ययोजना की बैठक लेंगे। इसमें 3152.64 करोड़ के 774 कार्यों को मंजूरी देंगे। इसमें दिए गए प्रस्तावों की समीक्षा करेंगे। इसमें नव निर्माण, बाइपास, फ्लाईओवर, सड़कें, सेतु, भवन के काम होंगे। जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाएगा। इसके लिए शनिवार को पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने लंबी बैठक की।</p>
<p><strong>वन राज्यमंत्री ने की विकास कार्यों की समीक्षा<br /></strong>मुख्यमंत्री के दौरे से पहले शनिवार को वन राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार ने सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास और कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति जानी। लोकार्पण और शिलान्यास संबंधी परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सभी तैयारियां समयबद्ध, सुव्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुनिश्चित की जाएं।</p>
<p><strong>एक हजार पुलिसकर्मी बनाएंगे सुरक्षा घेरा<br /></strong>सीएम के कार्यक्रम में सुरक्षा बंदोबस्त को लेकर पुलिस भी सचेत हो गई है। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि पांच एएसपी, नौ सीओ के साथ ही करीब एक हजार का अमला ड्यूटी में लगाया जाएगा। इसके लिए रेंज से भी फोर्स मांगी जाएगी। मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम जारी होने के बाद उसी के मुताबिक स्टाफ की तैनाती की जाएगी। कार्यक्रम स्थल, हवाई अड्डा व हेलिपैड पर ड्यूटी लगाई जाएगी। यातायात बंदोबस्त में भी अतिरिक्त स्टाफ लगेगा।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राम मंदिर के चंदा चोर: किसी की 50 तो किसी की 100 गुना बढ़ी हैसियत</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/161286/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 06:34:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने आरोपियों की संपत्तियों समेत अन्य रहन-सहन संबंधी ब्योरा जुटाया है। मंदिर की नौकरी लगने के बाद कईयों की हैसियत 50 से लेकर 100 गुना तक बढ़ी पाई गई। इसी को एसआईटी ने आधार बनाकर तफ्तीश आगे बढ़ाई है। आरोपियों के अलावा ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों की भी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="488" height="407" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/7-22.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async"></p>
<p>राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने आरोपियों की संपत्तियों समेत अन्य रहन-सहन संबंधी ब्योरा जुटाया है। मंदिर की नौकरी लगने के बाद कईयों की हैसियत 50 से लेकर 100 गुना तक बढ़ी पाई गई। इसी को एसआईटी ने आधार बनाकर तफ्तीश आगे बढ़ाई है। आरोपियों के अलावा ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों की भी संपत्तियां अचानक बढ़ी हैं। ये सभी जांच के दायरे में आ गए हैं।</p>
<p>अब तक पुलिस ने जो कार्रवाई की है, वह एसआईटी की रिपोर्ट पर ही की है। वहीं, एसआईटी ने जो रिपोर्ट तैयार की, उसमें सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को शामिल किया है, जिससे आरोपियों की पहचान की गई है। वहीं, एसआईटी ने सभी आरोपियों की संपत्तियों की भी डिटेल जुटाई है, जिसमें टिन्नू, अनुकल्प, लवकुश और सुभाष की हैसियत से अधिक संपत्ति मिली। वहीं, उनकी लाइफस्टाइल में भी पूरी तरह बदलाव आया। जिसके पुख्ता सुबूत मिले हैं। टिन्नू व कुछ ट्रस्ट के पदाधिकारियों की संपत्ति 100 गुना तक बढ़ी। किसी ने जमीन, प्लॉट आदि खरीदे तो किसी ने हॉस्टल आदि का निर्माण कराया। खासकर ये संपत्तियां मंदिर से जुड़ने के बाद बनाई गईं। इससे स्पष्ट है कि गबन में उनकी बड़ी भूमिका रही।</p>
<p>मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। मंदिर प्रबंधन ने जिन कर्मचारियों को नौकरी पर रखा, उनका पुलिस सत्यापन तक नहीं कराया जाता था। ये सीधे तौर पर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ है। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने अपनी जांच में इस तथ्य को गंभीरता से शामिल किया है। इसमें सुधार के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था बेहद अहम है। यह देश के सबसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों में से एक है। यही वजह है कि कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था है। जब एसआईटी ने जांच की तो पता चला कि जिन कर्मचारियों की नियुक्ति मंदिर प्रबंधन ने की, उनका किसी तरह का पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया। यह बहुत बड़ी लापरवाही उजागर हुई। उसके पीछे की वजह यही रही कि अधिकतर कर्मियों की भर्ती ट्रस्ट के पदाधिकारियों व उनके करीबियों के माध्यम से होती थी। ये सभी लोग उनकी सिफारिश पर भर्ती होते गए। इसलिए न कोई जांच-पड़ताल हुई। बस भर्ती हुई और सैलरी मिलने लगी।</p>
<p><strong>रकम बंटवारे पर आपसी विवाद से खुल गया खेल<br /></strong>एसआईटी की अब तक की जांच में यही सामने आया है कि आरोपियों में आपस में ही रकम के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ, जो बढ़ गया। किसी ने शिकायत की तो मामला उजागर हो गया। चूंकि मामला मंदिर से जुड़ा था, इसलिए ट्रस्ट के पदाधिकारी इसे दबाने में जुट गए।</p>
<p><strong>सैलरी 18-20 हजार खर्च किए लाखों रुपये<br /></strong>कुछ महीने पहले अनुकल्प मिश्र ने गांव में कथा का आयोजन किया था। एसआईटी ने जांच में जो तथ्य जुटाए, उसके मुताबिक कथा में आठ से दस लाख रुपये खर्च किए गए। 500 महिलाओं को साड़ियां बांटी गईं, जबकि उसकी सैलरी 18-20 हजार रुपये थी। इतनी सैलरी में इतना बड़ा आयोजन सवाल खड़ा करता है। यह सब आयोजन गबन की राशि से किया गया।</p>
<p><strong>करीब 800 कर्मी<br /></strong>राम मंदिर परिसर में करीब 800 ऐसे कर्मचारी हैं, जिनकी भर्ती मंदिर प्रबंधन ने की है। इसमें 200 कर्मी ट्रस्ट ने खुद अपने स्तर पर नौकरी पर रखे हैं। इन का पुलिस सत्यापन तक नहीं कराया गया। अमूमन किसी भी नौकरी में आवेदन के लिए पुलिस सत्यापन कराया जाता है, जिससे उसके बारे में जानकारी मिल सके। लेकिन यहां ऐसा नहीं किया गया। उसकी वजह ट्रस्ट के पदाधिकारियों की हनक थी। जो वे चाहते थे, वैसा होता था। कोई सवाल खड़ा करने वाला तक नहीं था।</p>
<p><strong>चंपत-अनिल को क्लीन चिट नहीं…. जांच जारी<br /></strong>ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के अलावा निर्माण समिति के सहायक गोपाल राव को एसआईटी ने क्लीन चिट नहीं दी है। एसआईटी की विस्तृत जांच में इन सभी की भूमिका की जांच जारी है। प्राथमिक रिपोर्ट में इसका जिक्र भी है। विस्तृत जांच रिपोर्ट में इन पदाधिकारियों के बारे में स्पष्ट किया जाएगा कि इनकी भूमिका है या नहीं, या फिर ये लापरवाही के दोषी हैं।</p>
<p><strong>बड़े पैमाने पर बदलाव होगा<br /></strong>मंदिर के भीतर हुई चोरी ने देशभर में सनसनी फैला दी है। संवेदनशील स्थान पर इतनी बड़ी घटना का होना सुरक्षा में बड़ी चूक है। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने प्रारंभिक रिपोर्ट में सुरक्षा की खामियों का जिक्र किया है। साथ ही अहम बदलाव की सिफारिश की है। सुरक्षा में लगे अधिकारियों से लेकर तमाम कर्मचारी बदले जाएंगे और निगरानी तंत्र को मजबूत करने के लिए कई और कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए एसओपी तैयार की जा रही है।</p>
<p><strong>गोपाल का न इस्तीफा, न कार्रवाई<br /></strong>मंदिर प्रबंधन से जुड़ा प्रत्येक कार्य चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव देखते थे। मंदिर निर्माण, दान राशि जैसे अहम कार्य में पूरा दखल इन्हीं का रहता था। इनकी नाक के नीचे इतना बड़ा हेरफेर हुआ और करोड़ों रुपये पार हो गए, इन्हें भनक तक नहीं, यह यकीन करना मुश्किल है। इसलिए तीनों सबसे अधिक सवालों से घिरे हैं। अब तक गोपाल ने खुद इस्तीफा नहीं दिया, न ही कोई कार्रवाई की गई है।</p>
<p><strong>चांदी की ईंटें व आभूषण सुरक्षित, हिसाब भी मौजूद<br /></strong>एक सिंधी संगठन ने चांदी की दो सौ ईंटें, विश्वकर्मा परिवार ने चरण पादुका व हार दान करने की बात कहते हुए बताया था कि उनको रसीद नहीं दी गई। अंदेशा जताया था कि ये सभी चीजें गायब कर दी गईं। कई और मामले भी सामने आए थे। इस पर भी ट्रस्ट ने दावा किया है कि चांदी की ईंटें व अन्य आभूषण हिसाब के साथ सुरक्षित हैं।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए 65 करोड़ !</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/161268/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Jun 2026 09:32:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[रुद्रपुर में कृषि विभाग द्वारा आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि मंत्री गणेश जोशी तथा जनपद प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा ने किया। इस अवसर पर ₹46.32 करोड़ की लागत से निर्मित 9 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="1028" height="633" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/1-36.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/1-36.jpg 1028w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/1-36-768x473.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1028px) 100vw, 1028px"></p>
<p>रुद्रपुर में कृषि विभाग द्वारा आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि मंत्री गणेश जोशी तथा जनपद प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा ने किया। इस अवसर पर ₹46.32 करोड़ की लागत से निर्मित 9 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा ₹323.34 करोड़ की लागत के 32 विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। इस प्रकार कुल ₹369.66 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।</p>
<p>केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब खेत बचेंगे तो जमीन बचेगी, जमीन बचेगी तो पृथ्वी बचेगी और पृथ्वी बचेगी तो जीवन सुरक्षित रहेगा।उन्होंने किसानों से मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि भूमि केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी धरती माता है, जिसका संरक्षण हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और निकट भविष्य में हॉर्टिकल्चर हब के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा। इस दिशा में भारत सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।</p>
<p>केंद्रीय मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि सेब, अखरोट एवं बादाम सहित उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों के उत्पादन हेतु मुक्तेश्वर में ₹100 करोड़ की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा। बड़ी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹4 करोड़ तथा छोटी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹2 करोड़ तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि चौबटिया (अल्मोड़ा) में ₹15 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त न्यूजीलैंड के सहयोग से उत्तराखण्ड में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ₹15 करोड़ की विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ (फेंसिंग) कार्य हेतु ₹65 करोड़ उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही प्रदेश में ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने के लिए ₹104 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जा रही है, जिससे किसानों को मौसम की सटीक जानकारी समय पर उपलब्ध हो सकेगी तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ और अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी तथा स्वस्थ कृषि व्यवस्था ही विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड की सशक्त नींव है। उन्होंने कहा कि “खेत बचाओ अभियान” केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का जन आंदोलन है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्राकृतिक खेती, कृषि अवसंरचना तथा डिजिटल कृषि मिशन जैसी योजनाओं से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को ₹3 लाख तक का ब्याज मुक्त कृषि ऋण उपलब्ध करा रही है। नहरों से सिंचाई की सुविधा निःशुल्क प्रदान की जा रही है तथा फार्म मशीनरी बैंक योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को सशक्त बनाने के लिए रेनफेड फार्मिंग परियोजना भी स्वीकृत की गई है।</p>
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		<title> केदारनाथ धाम: इस बार मानसून से पहले ही हेली सेवा का संचालन बंद</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/161266/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Jun 2026 06:32:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही हेली सेवा का संचालन शुरू किया गया था। 25 जून 2026 तक की यात्रा अवधि में कुल 11800 से अधिक शटल (उड़ान) की। इसमें 1.37 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने हेलिकॉप्टर से केदारनाथ की यात्रा की। चारधाम यात्रा में केदारनाथ हेली सेवा का संचालन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="795" height="458" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/7-20.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/7-20.jpg 795w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/7-20-768x442.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 795px) 100vw, 795px"></p>
<p>22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही हेली सेवा का संचालन शुरू किया गया था। 25 जून 2026 तक की यात्रा अवधि में कुल 11800 से अधिक शटल (उड़ान) की। इसमें 1.37 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने हेलिकॉप्टर से केदारनाथ की यात्रा की।</p>
<p>चारधाम यात्रा में केदारनाथ हेली सेवा का संचालन इस बार मानसून आने से पहले बंद कर दिया गया है। डीजीसीए की ओर से 25 जून से आगे हेली सेवा संचालन की अनुमति नहीं दी गई। अब मानसून सीजन समाप्त होने के बाद सितंबर से हेली सेवा दोबारा से संचालित की जाएगी।</p>
<p>22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही हेली सेवा का संचालन शुरू किया गया था। इस बार हेली सेवा के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से आठ हेली ऑपरेटरों का चयन किया। गुप्तकाशी, सिरसी, फाटा हेलिपैड से केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा संचालित की जाती है।</p>
<p>हेली ऑपरेटर कंपनी राजस ऐरा स्पोर्ट्स, ट्रांस भारत एविएशन, यूनाइटेड हेली चार्टर्स, हिमालयन हेली सर्विस, पिलिग्रिमेज एविएशन, एरो एयरक्राफ्ट, चिप्सन एविएशन व थंबी एविएशन ने माध्यम से 22 अप्रैल से 25 जून 2026 तक की यात्रा अवधि में कुल 11800 से अधिक शटल (उड़ान) की। इसमें 1.37 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने हेलिकॉप्टर से केदारनाथ की यात्रा की।</p>
<p>यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि डीजीसीए ने 25 जून तक केदारनाथ हेली सेवा की अनुमति दी थी। केदारघाटी में बारिश व मौसम खराब होने से हेली सेवा में सुरक्षा के लिहाज से संचालन को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं दी है। मानसून सीजन खत्म होने के बाद सितंबर में फिर से हेली सेवा का संचालन किया जाएगा।</p>
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		<title>अयोध्या: चढ़ावा चोरी की वजह से भंग हो सकता है राम मंदिर ट्रस्ट</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/161264/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Jun 2026 06:32:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफों ने इसे और बल दिया है। दोनों के इस्तीफे के बाद पहले से रिक्त एक ट्रस्टी पद को मिलाकर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="530" height="318" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/4-15.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async"></p>
<p>राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफों ने इसे और बल दिया है। दोनों के इस्तीफे के बाद पहले से रिक्त एक ट्रस्टी पद को मिलाकर ट्रस्ट के तीन महत्वपूर्ण पद खाली हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में वर्तमान ट्रस्ट भंग कर उसके पुनर्गठन की संभावना बन सकती है।</p>
<p>फरवरी 2020 में केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुपालन में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया था। ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास रहे, जबकि दैनिक प्रशासनिक संचालन और अधिकतर महत्वपूर्ण निर्णयों की जिम्मेदारी महासचिव चंपत राय संभालते हैं। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र भी ट्रस्ट के प्रमुख निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हें। दोनों पद रिक्त होने पर ट्रस्ट के संचालन का मौजूदा संतुलन प्रभावित होना स्वाभाविक माना जा रहा है।</p>
<p>राम मंदिर में प्रतिदिन करोड़ों रुपये का चढ़ावा, हजारों श्रद्धालुओं का प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, निर्माण कार्य, खरीद, लेखा और मानव संसाधन जैसे कार्य अब अत्यंत व्यापक हो चुके हैं। ऐसे में जवाबदेही, पारदर्शिता और वित्तीय निगरानी को और मजबूत करने के लिए प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की आवश्यकता महसूस की जा रही है। हालिया घटनाक्रम ने इस बहस को और तेज कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के पुनर्गठन के साथ भविष्य में तिरुपति और वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की तर्ज पर अधिक पेशेवर प्रशासनिक व्यवस्था लागू हो सकती है। इसमें मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ)की तैनाती की जा सकती है।</p>
<p><strong>सीमित रही है ट्रस्ट के अन्य सदस्यों की भूमिका<br /></strong>ट्रस्ट के संचालन में सबसे अधिक भूमिका चंपत राय व डॉक्टर अनिल मिश्र की ही रही है। अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास व कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि की भूमिका भी सीमित ही रही, जबकि संस्थापक ट्रस्टी के. परासरन, जगद्गुरु वासुदेवाचार्य, जगद्गुरु विश्वप्रसन्न तीर्थ और युगपुरुष परमानंद अधिक आयु के कारण नियमित रूप से सक्रिय नहीं रह सके। महंत दिनेंद्र दास को भी हाशिये पर रखा गया। कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद हाल ही में डॉ. कृष्ण मोहन को ट्रस्ट में शामिल किया गया। मंदिर प्रकरण में एफआईआर भी उनकी तहरीर पर दर्ज कराई गई है। बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद एक ट्रस्टी का पद पहले से रिक्त है।</p>
<p><strong>क्या ट्रस्ट को भंग करना आसान होगा<br /></strong>विधि मामलों के जानकार अधिवक्ता दीनबंधु चौबे का कहना है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में किया था। इसलिए ट्रस्ट को भंग करना या उसकी जगह नई व्यवस्था लागू करना केवल प्रशासनिक फैसला नहीं होगा। इसके लिए केंद्र सरकार को विधिक प्रक्रिया अपनानी होगी और आवश्यकता पड़ने पर नई अधिसूचना अथवा अन्य वैधानिक प्रावधान करने पड़ सकते हैं।</p>
<p><strong>ट्रस्ट से तैनात कर्मी करते थे गिनती, बैंक देता था वेतन<br /></strong>राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में संबंधित बैंक की भूमिका भी कम नहीं है। ट्रस्ट के माध्यम से तैनात कर्मियों को बैंक ने गणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लगाया था और उन्हें वेतन देता था। बैंक के किसी अधिकारी या कर्मचारी के इतने महत्वपूर्ण कार्य में तैनात न होना भी घोर लापरवाही मानी जा रही है। पुलिस की जांच में ऐसे ही चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं और बैंक की करतूतों की पोल खुल रही है।</p>
<p>पुलिस सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर की दान पेटिकाओं की दो चाबियां रहती हैं। एक चाबी मंदिर ट्रस्ट और दूसरी बैंक को दी गई है। दोनों चाबियां साथ होने पर ही दान पेटिका खुलती थी। वहां से पेटिकाओं को स्ट्रॉन्ग रूम लाकर ताला खोला जाता था और गिनती करके यहीं पर रिसीविंग की व्यवस्था थी। रिसीविंग की तीन प्रतियां बनती थीं। एक प्रति बैंक कर्मी, दूसरी बैंक और तीसरी प्रति ट्रस्ट को मिलती थी। इन पर यहीं हस्ताक्षर भी किए जाते थे।</p>
<p>प्रतिदिन लगभग 20-25 लाख रुपये दान स्वरूप मिलते थे, जिनकी गिनती करके बैंक तक पहुंचाने में बैंक का अपना स्थायी कर्मी नहीं लगा था। बीच-बीच में बैंक के अधिकारी जायजा लेने आते थे। जबकि, खाता संचालन से लेकर धनराशि की गणना करके बैंक तक ले जाने के लिए ट्रस्ट का संबंधित बैंक से अनुबंध है। इसके बावजूद बैंक की ओर से लापरवाही की जाती रही, जिसका फायदा कर्मियों ने उठाया और मोटी रकम पार कर दी। सूत्रों के अनुसार, मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों की सिफारिश और उनके बताए अनुसार सभी कर्मियों को इस कार्य में बैंक ने लगाया था। वर्ष 2016 में बैंक से सेवानिवृत्त हो चुके सुभाष श्रीवास्तव को गणना के समय पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी गई थी। वह पिछले करीब पांच साल से बिना वेतन के मंदिर में सेवा कर रहे थे, लेकिन इस महत्वपूर्ण कार्य की निगरानी में उनके स्तर से भी लापरवाही बरती गई।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, गणना में शामिल कई कर्मी पहले से ही मंदिर में कार्य करते थे। निर्माण पूर्ण होने के बाद उन्हें कार्यमुक्त किया गया तो बाद में बैंक की मिलीभगत से यहीं पर गणना कार्य में लगा दिया गया। इनमें स्वर्गद्वार निवासी मनीष यादव लगभग दो माह पहले ही तैनात हुआ था लेकिन चोरी के खेल में वह सबके साथ ही शामिल हो गया। वह बैंक संबंधी पर्यवेक्षणीय कार्यों में तैनात चंपत राय के चालक टिन्नू का भतीजा है।</p>
<p><strong>सीधे तौर पर दान की गई वस्तुएं सुरक्षित होने का दावा<br /></strong>पुलिस अधिकारी सिर्फ दान पेटिकाओं से ही चोरी की बात स्वीकार रहे हैं, लेकिन मंदिर ट्रस्ट को सीधे तौर से दान की गई कीमती वस्तुएं और नकदी आदि में किसी तरह के गबन से इन्कार कर रहे हैं। हालांकि, निर्माण कार्य के दौरान दिए गए ठेकों में हुई अनियमितताओं पर मौन स्वीकृति दे रहे हैं। उसे अपने स्तर का मुद्दा न होना बताकर पल्ला भी झाड़ रहे हैं।</p>
<p><strong>निगरानी छोड़ ट्रस्ट का प्रबंधन देखते थे आरएमओ<br /></strong>मंदिर में दो कंट्रोल रूम स्थापित हैं। इनमें गणना स्थल पर लगे कैमरे की निगरानी सुनिश्चित कराने का दायित्व आरएमओ अर्जुन देव का है। नियमतः हर समय वहां लगे कैमरे की निगरानी की जानी चाहिए, लेकिन आरएमओ इसका अनुपालन नहीं करा सके। सूत्रों के अनुसार, वह निगरानी कार्य छोड़कर मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन कार्यों में अधिक सक्रिय दिखते थे। गैर जनपद से तैनात सिपाहियों के जिम्मे ही निगरानी जैसा महत्वपूर्ण कार्य होता था। चोरी में शामिल कर्मियों ने इस लापरवाही और ढिलाई का भी खूब फायदा उठाया। फिलहाल अब तक आरएमओ की भूमिका तय नहीं हो सकी है।</p>
</div>
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		<item>
		<title>Uttarakhand: मानसून में बाढ़ और जलभराव की दृष्टि से संवेदनशील 304 स्थल चिह्नित</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/161236/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 Jun 2026 09:32:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रदेश में मानसून में बाढ़ और जलभराव की दृष्टि से संवेदनशील 304 स्थल चिह्नित किए गए हैं, जबकि 113 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। यह कहना है लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज का। उन्होंने यह बात सिंचाई भवन सभागार में मानसून की तैयारियों को लेकर हुई सिंचाई और लोक निर्माण विभाग की बैठक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="645" height="346" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/iuotyoiut.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p>प्रदेश में मानसून में बाढ़ और जलभराव की दृष्टि से संवेदनशील 304 स्थल चिह्नित किए गए हैं, जबकि 113 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। यह कहना है लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज का। उन्होंने यह बात सिंचाई भवन सभागार में मानसून की तैयारियों को लेकर हुई सिंचाई और लोक निर्माण विभाग की बैठक में कही।</p>
<p>मंत्री महाराज ने बताया कि सभी जनपद मुख्यालयों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। देहरादून में भी एक बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे क्रियाशील है। केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के माध्यम से नदियों के जलस्तर और वर्षा के आंकड़े प्रतिदिन प्राप्त किए जा रहे हैं।</p>
<p>राज्य में कुल 113 बाढ़ चौकियां 15 जून से पहले स्थापित कर लीं गई हैं। सड़कों के अवरुद्ध होने पर वैकल्पिक मार्ग तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में अपर सचिव विनीत कुमार, महावीर चौहान, अपर सचिव सिंचाई गरिमा रौंकली, लोनिवि के प्रमुख अभियंता रमेश चंद्र शर्मा, सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता सुभाष कुमार आदि मौजूद रहे।</p>
<p><strong>जलाशयों के बांधों पर लगातार रखी जा रही निगरानी</strong><br />मानसून से पूर्व नदियों के संवेदनशील स्थलों पर चैनेलाइजेशन का कार्य जिला प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है। विभिन्न शहरों में जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए जीआईएस आधारित जल निकासी योजना तैयार की गई है। हरिद्वार के भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में जल निकासी का कार्य पूरा हो चुका है। सिंचाई विभाग के जलाशयों के बांधों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आपात स्थिति के लिए बोल्डर, आरबीएम और रेत की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।</p>
<p><strong>सड़कें बंद होने पर पहले ही लोगों को सूचना देने के निर्देश</strong><br />विभागीय मंत्री सतपाल महाराज ने बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सड़क बंद होने पर लोगों को पहले ही सूचना मिल जाए। इससे यात्री वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। मानसून सीजन को देखते हुए सभी सड़कों के उचित रखरखाव के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने 3946 पैचवर्क के लक्ष्य के मुकाबले 3968 पैचवर्क पूरे किए हैं। हर सीजन में प्रभावित होने वाली 1199 सड़कों के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार रखने को कहा गया है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>निहंगों से विवाद के बाद फैसला: हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए बनेगी SOP</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/161238/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 Jun 2026 09:32:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[कर्णप्रयाग और नगरासू में निहंगों से विवाद के मामले के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेमकुंड साहिब यात्रा संचालन के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने की बात कही है। उन्होंने कहा, यात्रा पर कोई प्रभाव न पड़े, इसके लिए सख्ती भी करनी पड़ी तो निकट भविष्य में करेंगे और एसओपी भी बनाएंगे। बृहस्पतिवार &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="643" height="354" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/it875t7.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async"></p>
<p>कर्णप्रयाग और नगरासू में निहंगों से विवाद के मामले के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेमकुंड साहिब यात्रा संचालन के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने की बात कही है। उन्होंने कहा, यात्रा पर कोई प्रभाव न पड़े, इसके लिए सख्ती भी करनी पड़ी तो निकट भविष्य में करेंगे और एसओपी भी बनाएंगे।</p>
<p>बृहस्पतिवार को जीएमएस रोड स्थित एक होटल में संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, निहंगों के विवाद का एक प्रकरण हुआ था। उसके बाद वार्ता हुई। इस मामले में कानून ने अपना काम किया है। सभी पक्षों से सबसे बात हो गई और सबको बता भी दिया गया है।</p>
<p>कानून कोई भी हाथ में लेगा तो कानून से बढ़कर कोई नहीं है। इस समय प्रदेश में चारधाम व हेमकुंड साहिब यात्रा चल रही है। देश दुनिया से तीर्थयात्री यात्रा पर आ रहे हैं। यात्रा पर कोई प्रभाव न पड़े, उसके लिए कही पर हमको सख्ती करनी पड़े तो निकट भविष्य में करेंगे। यात्रा के लिए एसओपी भी बनाएंगे।</p>
<p><strong>हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य</strong><br />चारधाम के साथ हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। अब तक हेमकुंड यात्रा के लिए 2.05 लाख से अधिक यात्रियों ने पंजीकरण कराया है। इसमें 1.42 से ज्यादा श्रद्धालु हेमकुंड साहिब में दर्शन कर चुके हैं।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>देहरादून में घुसे निहंगों का हंगामा: देर रात तक चलती रही तनातनी</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/161234/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 Jun 2026 06:32:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[चमोली जिले के कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के विवाद के बाद बृहस्पतिवार को निहंग सिखों का जत्था कुल्हाल बैरियर तोड़कर उत्तराखंड की सीमा में घुस गया। इनमें से कई देर रात देहरादून के धर्मावाला की ओर बढ़ रहे थे, कुछ निहंग तलवारें लहराकर जत्थे का नेतृत्व कर रहे थे, इन्हें रोकने के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="640" height="354" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/uyiruy.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async"></p>
<p>चमोली जिले के कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के विवाद के बाद बृहस्पतिवार को निहंग सिखों का जत्था कुल्हाल बैरियर तोड़कर उत्तराखंड की सीमा में घुस गया। इनमें से कई देर रात देहरादून के धर्मावाला की ओर बढ़ रहे थे, कुछ निहंग तलवारें लहराकर जत्थे का नेतृत्व कर रहे थे, इन्हें रोकने के लिए पूरे जिले की पुलिस और अन्य फोर्स मौके पर तैनात थी। लेकिन रात एक बजे तक वह प्रेमनगर नहीं पहुंचे थे, उनकी लोकेशन पुलिस को भी नही पता थी। हालांकि अब मिली जानकारी के अनुसार देर रात सभी लोगों को वापस पांवटा साहिब की तरफ़ भेज दिया गया</p>
<p>चंडीगढ़ से हिमाचल के रास्ते उत्तराखंड के लिए कूच कर रहे करीब 200 निहंगों को पुलिस-प्रशासन ने कुल्हाल चेक पोस्ट पर बैरियर लगाकर रोका था। इसके बाद पांवटा साहिब गुरुद्वारे में करीब दो घंटे तक प्रशासन, पुलिस और निहंग सिखों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद कुछ निहंग लौट गए, जबकि 20 से 30 निहंग कुल्हाल पुल पार कर चेकपोस्ट पर पहुंच गए, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया, यहां कई घंटे तक तनातनी चलती रही।</p>
<p>इसके बाद ये निहंग बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए। मौके पर तैनात पुलिस और आईटीबीपी के सामने ही तलवारें लहराते हुए वह देहरादून-पांवटा राजमार्ग की ओर जाने लगे। इस दौरान उन्हें रोकने के लिए पुलिस की ओर से खड़े किए गए दो डंपरों में भी उन्होंने तोड़फोड़ कर दी।</p>
<p>निहंगों के उत्तराखंड की सीमा में घुसने की सूचना पर शासन-प्रशासन ने जिलेेभर से पुलिस और अन्य बलों को मौके के लिए रवाना कर दिया। निहंग हेमकुंड साहिब जाने की बात पर अड़े हुए थे।</p>
</div>
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