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	<title>उत्तर प्रदेश &#8211; Ameer Bharat | अमीर भारत</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment News</description>
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		<title>सीएम योगी 30 जून को बरेली में करेंगे मंडलीय समीक्षा</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/161284/</link>
		
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		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 06:34:34 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 30 जून को बरेली में मंडलीय समीक्षा बैठक करेंगे। इसके साथ ही वह रामायण वाटिका का लोकार्पण भी कर सकते हैं। उनके प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन तैयारियां में जुटा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बरेली दौरे की तारीख लगभग तय हो गई है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, 29 जून को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="816" height="460" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/6-26.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/6-26.jpg 816w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/6-26-768x433.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/6-26-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 816px) 100vw, 816px"></p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 30 जून को बरेली में मंडलीय समीक्षा बैठक करेंगे। इसके साथ ही वह रामायण वाटिका का लोकार्पण भी कर सकते हैं। उनके प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन तैयारियां में जुटा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बरेली दौरे की तारीख लगभग तय हो गई है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, 29 जून को वह प्लेन से त्रिशूल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से हेलिकॉप्टर के जरिये पीलीभीत फिर मुरादाबाद जाएंगे। वहां रात्रि विश्राम के बाद 30 जून को रामपुर में जनसभा को संबोधित करेंगे। वहां से वह फिर हेलिकॉप्टर से बरेली पुलिस लाइन पहुंचेंगे और सर्किट हाउस में मंडलीय समीक्षा बैठक करेंगे। शाम को रामगंगानगर में बीडीए की रामायण वाटिका का लोकार्पण भी कर सकते हैं।</p>
<p>शासन की ओर से अभी सीएम के दौरे का कार्यक्रम तो जारी नहीं किया गया है, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय से जिले के अफसरों को प्रस्तावित तिथि की जानकारी दे दी गई है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य, एसपी सिटी मानुष पारीक समेत पुलिस और प्रशासन के कई अफसरों ने शनिवार को सर्किट हाउस और त्रिशूल एयरपोर्ट पहुंचकर तैयारियों को परखा। सर्किट हाउस में रंग-रोगन, फुटपाथ की मरम्मत के कार्यों का जायजा लिया। सभागार में चल रहे कार्यों का निरीक्षण करने के बाद जरूरी दिशा-निर्देश दिए। पार्किंग स्थल सहित सर्किट हाउस से त्रिशूल एयरपोर्ट तक के रास्ते पर यातायात व्यवस्था को परखा।</p>
<p><strong>दोपहर का भोजन बरेली में करेंगे सीएम योगी<br /></strong>त्रिशूल एयरपोर्ट पर आने के बाद सीएम के अगले कार्यक्रम की स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है। अगर सीएम दोपहर का भोजन बरेली में करेंगे तो वह सड़क मार्ग से सर्किट हाउस पहुंचेंगे और फिर पुलिस लाइन से हेलिकॉप्टर के जरिये पीलीभीत रवाना होंगे। इसके अलावा, एयरपोर्ट से हेलिकॉप्टर के जरिये सीधे भी पीलीभीत जा सकते हैं।</p>
<p><strong>जनसभा होने पर संशय<br /></strong>मुख्यमंत्री की मंडलीय समीक्षा के मद्देनजर बरेली के साथ पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर में भी बैठकों और तैयारियों का दौर जारी है। सीएम की प्राथमिकता वाले कामों की अलग-अलग रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सीएम ग्रिड योजना की भी समीक्षा होनी है। बीते दिनों जल निगम के कामों में बड़ी गड़बड़ी सामने आ चुकी है। ऐसे में जल निगम के अधिकारी भी प्रगति रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री की ओर से करीब 4000 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी प्रस्तावित है, लेकिन जनसभा न होने से इस पर संशय है।</p>
<p><strong>लाइटों से सजा बीडीए, रामायण वाटिका भी तैयार<br /></strong>बीडीए कार्यालय के बगल में 33 हजार वर्गमीटर भूमि पर 46 करोड़ की लागत से विकसित रामायण वाटिका में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। यहां 51 फीट ऊंची भगवान राम की प्रतिमा भी स्थापित की गई है। बीडीए कार्यालय परिसर को भी लाइटों से सजाया गया है। परिसर में जो भी कमियां थीं, उन्हें दूर कर लिया गया है। रामायण वाटिका में सीएम के भ्रमण के दौरान लेजर शो भी होगा।</p>
<p><strong>पीडब्ल्यूडी के 774 कार्यों को देंगे मंजूरी<br /></strong>मुख्यमंत्री पीडब्ल्यूडी की मंडलीय कार्ययोजना की बैठक लेंगे। इसमें 3152.64 करोड़ के 774 कार्यों को मंजूरी देंगे। इसमें दिए गए प्रस्तावों की समीक्षा करेंगे। इसमें नव निर्माण, बाइपास, फ्लाईओवर, सड़कें, सेतु, भवन के काम होंगे। जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाएगा। इसके लिए शनिवार को पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने लंबी बैठक की।</p>
<p><strong>वन राज्यमंत्री ने की विकास कार्यों की समीक्षा<br /></strong>मुख्यमंत्री के दौरे से पहले शनिवार को वन राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार ने सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास और कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति जानी। लोकार्पण और शिलान्यास संबंधी परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सभी तैयारियां समयबद्ध, सुव्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुनिश्चित की जाएं।</p>
<p><strong>एक हजार पुलिसकर्मी बनाएंगे सुरक्षा घेरा<br /></strong>सीएम के कार्यक्रम में सुरक्षा बंदोबस्त को लेकर पुलिस भी सचेत हो गई है। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि पांच एएसपी, नौ सीओ के साथ ही करीब एक हजार का अमला ड्यूटी में लगाया जाएगा। इसके लिए रेंज से भी फोर्स मांगी जाएगी। मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम जारी होने के बाद उसी के मुताबिक स्टाफ की तैनाती की जाएगी। कार्यक्रम स्थल, हवाई अड्डा व हेलिपैड पर ड्यूटी लगाई जाएगी। यातायात बंदोबस्त में भी अतिरिक्त स्टाफ लगेगा।</p>
</div>
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		<title>राम मंदिर के चंदा चोर: किसी की 50 तो किसी की 100 गुना बढ़ी हैसियत</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/161286/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 06:34:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने आरोपियों की संपत्तियों समेत अन्य रहन-सहन संबंधी ब्योरा जुटाया है। मंदिर की नौकरी लगने के बाद कईयों की हैसियत 50 से लेकर 100 गुना तक बढ़ी पाई गई। इसी को एसआईटी ने आधार बनाकर तफ्तीश आगे बढ़ाई है। आरोपियों के अलावा ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों की भी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="488" height="407" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/7-22.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async"></p>
<p>राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने आरोपियों की संपत्तियों समेत अन्य रहन-सहन संबंधी ब्योरा जुटाया है। मंदिर की नौकरी लगने के बाद कईयों की हैसियत 50 से लेकर 100 गुना तक बढ़ी पाई गई। इसी को एसआईटी ने आधार बनाकर तफ्तीश आगे बढ़ाई है। आरोपियों के अलावा ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों की भी संपत्तियां अचानक बढ़ी हैं। ये सभी जांच के दायरे में आ गए हैं।</p>
<p>अब तक पुलिस ने जो कार्रवाई की है, वह एसआईटी की रिपोर्ट पर ही की है। वहीं, एसआईटी ने जो रिपोर्ट तैयार की, उसमें सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को शामिल किया है, जिससे आरोपियों की पहचान की गई है। वहीं, एसआईटी ने सभी आरोपियों की संपत्तियों की भी डिटेल जुटाई है, जिसमें टिन्नू, अनुकल्प, लवकुश और सुभाष की हैसियत से अधिक संपत्ति मिली। वहीं, उनकी लाइफस्टाइल में भी पूरी तरह बदलाव आया। जिसके पुख्ता सुबूत मिले हैं। टिन्नू व कुछ ट्रस्ट के पदाधिकारियों की संपत्ति 100 गुना तक बढ़ी। किसी ने जमीन, प्लॉट आदि खरीदे तो किसी ने हॉस्टल आदि का निर्माण कराया। खासकर ये संपत्तियां मंदिर से जुड़ने के बाद बनाई गईं। इससे स्पष्ट है कि गबन में उनकी बड़ी भूमिका रही।</p>
<p>मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। मंदिर प्रबंधन ने जिन कर्मचारियों को नौकरी पर रखा, उनका पुलिस सत्यापन तक नहीं कराया जाता था। ये सीधे तौर पर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ है। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने अपनी जांच में इस तथ्य को गंभीरता से शामिल किया है। इसमें सुधार के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था बेहद अहम है। यह देश के सबसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों में से एक है। यही वजह है कि कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था है। जब एसआईटी ने जांच की तो पता चला कि जिन कर्मचारियों की नियुक्ति मंदिर प्रबंधन ने की, उनका किसी तरह का पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया। यह बहुत बड़ी लापरवाही उजागर हुई। उसके पीछे की वजह यही रही कि अधिकतर कर्मियों की भर्ती ट्रस्ट के पदाधिकारियों व उनके करीबियों के माध्यम से होती थी। ये सभी लोग उनकी सिफारिश पर भर्ती होते गए। इसलिए न कोई जांच-पड़ताल हुई। बस भर्ती हुई और सैलरी मिलने लगी।</p>
<p><strong>रकम बंटवारे पर आपसी विवाद से खुल गया खेल<br /></strong>एसआईटी की अब तक की जांच में यही सामने आया है कि आरोपियों में आपस में ही रकम के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ, जो बढ़ गया। किसी ने शिकायत की तो मामला उजागर हो गया। चूंकि मामला मंदिर से जुड़ा था, इसलिए ट्रस्ट के पदाधिकारी इसे दबाने में जुट गए।</p>
<p><strong>सैलरी 18-20 हजार खर्च किए लाखों रुपये<br /></strong>कुछ महीने पहले अनुकल्प मिश्र ने गांव में कथा का आयोजन किया था। एसआईटी ने जांच में जो तथ्य जुटाए, उसके मुताबिक कथा में आठ से दस लाख रुपये खर्च किए गए। 500 महिलाओं को साड़ियां बांटी गईं, जबकि उसकी सैलरी 18-20 हजार रुपये थी। इतनी सैलरी में इतना बड़ा आयोजन सवाल खड़ा करता है। यह सब आयोजन गबन की राशि से किया गया।</p>
<p><strong>करीब 800 कर्मी<br /></strong>राम मंदिर परिसर में करीब 800 ऐसे कर्मचारी हैं, जिनकी भर्ती मंदिर प्रबंधन ने की है। इसमें 200 कर्मी ट्रस्ट ने खुद अपने स्तर पर नौकरी पर रखे हैं। इन का पुलिस सत्यापन तक नहीं कराया गया। अमूमन किसी भी नौकरी में आवेदन के लिए पुलिस सत्यापन कराया जाता है, जिससे उसके बारे में जानकारी मिल सके। लेकिन यहां ऐसा नहीं किया गया। उसकी वजह ट्रस्ट के पदाधिकारियों की हनक थी। जो वे चाहते थे, वैसा होता था। कोई सवाल खड़ा करने वाला तक नहीं था।</p>
<p><strong>चंपत-अनिल को क्लीन चिट नहीं…. जांच जारी<br /></strong>ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के अलावा निर्माण समिति के सहायक गोपाल राव को एसआईटी ने क्लीन चिट नहीं दी है। एसआईटी की विस्तृत जांच में इन सभी की भूमिका की जांच जारी है। प्राथमिक रिपोर्ट में इसका जिक्र भी है। विस्तृत जांच रिपोर्ट में इन पदाधिकारियों के बारे में स्पष्ट किया जाएगा कि इनकी भूमिका है या नहीं, या फिर ये लापरवाही के दोषी हैं।</p>
<p><strong>बड़े पैमाने पर बदलाव होगा<br /></strong>मंदिर के भीतर हुई चोरी ने देशभर में सनसनी फैला दी है। संवेदनशील स्थान पर इतनी बड़ी घटना का होना सुरक्षा में बड़ी चूक है। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने प्रारंभिक रिपोर्ट में सुरक्षा की खामियों का जिक्र किया है। साथ ही अहम बदलाव की सिफारिश की है। सुरक्षा में लगे अधिकारियों से लेकर तमाम कर्मचारी बदले जाएंगे और निगरानी तंत्र को मजबूत करने के लिए कई और कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए एसओपी तैयार की जा रही है।</p>
<p><strong>गोपाल का न इस्तीफा, न कार्रवाई<br /></strong>मंदिर प्रबंधन से जुड़ा प्रत्येक कार्य चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव देखते थे। मंदिर निर्माण, दान राशि जैसे अहम कार्य में पूरा दखल इन्हीं का रहता था। इनकी नाक के नीचे इतना बड़ा हेरफेर हुआ और करोड़ों रुपये पार हो गए, इन्हें भनक तक नहीं, यह यकीन करना मुश्किल है। इसलिए तीनों सबसे अधिक सवालों से घिरे हैं। अब तक गोपाल ने खुद इस्तीफा नहीं दिया, न ही कोई कार्रवाई की गई है।</p>
<p><strong>चांदी की ईंटें व आभूषण सुरक्षित, हिसाब भी मौजूद<br /></strong>एक सिंधी संगठन ने चांदी की दो सौ ईंटें, विश्वकर्मा परिवार ने चरण पादुका व हार दान करने की बात कहते हुए बताया था कि उनको रसीद नहीं दी गई। अंदेशा जताया था कि ये सभी चीजें गायब कर दी गईं। कई और मामले भी सामने आए थे। इस पर भी ट्रस्ट ने दावा किया है कि चांदी की ईंटें व अन्य आभूषण हिसाब के साथ सुरक्षित हैं।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अयोध्या: चढ़ावा चोरी की वजह से भंग हो सकता है राम मंदिर ट्रस्ट</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/161264/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Jun 2026 06:32:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफों ने इसे और बल दिया है। दोनों के इस्तीफे के बाद पहले से रिक्त एक ट्रस्टी पद को मिलाकर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="530" height="318" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/4-15.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async"></p>
<p>राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफों ने इसे और बल दिया है। दोनों के इस्तीफे के बाद पहले से रिक्त एक ट्रस्टी पद को मिलाकर ट्रस्ट के तीन महत्वपूर्ण पद खाली हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में वर्तमान ट्रस्ट भंग कर उसके पुनर्गठन की संभावना बन सकती है।</p>
<p>फरवरी 2020 में केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुपालन में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया था। ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास रहे, जबकि दैनिक प्रशासनिक संचालन और अधिकतर महत्वपूर्ण निर्णयों की जिम्मेदारी महासचिव चंपत राय संभालते हैं। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र भी ट्रस्ट के प्रमुख निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हें। दोनों पद रिक्त होने पर ट्रस्ट के संचालन का मौजूदा संतुलन प्रभावित होना स्वाभाविक माना जा रहा है।</p>
<p>राम मंदिर में प्रतिदिन करोड़ों रुपये का चढ़ावा, हजारों श्रद्धालुओं का प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, निर्माण कार्य, खरीद, लेखा और मानव संसाधन जैसे कार्य अब अत्यंत व्यापक हो चुके हैं। ऐसे में जवाबदेही, पारदर्शिता और वित्तीय निगरानी को और मजबूत करने के लिए प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की आवश्यकता महसूस की जा रही है। हालिया घटनाक्रम ने इस बहस को और तेज कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के पुनर्गठन के साथ भविष्य में तिरुपति और वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की तर्ज पर अधिक पेशेवर प्रशासनिक व्यवस्था लागू हो सकती है। इसमें मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ)की तैनाती की जा सकती है।</p>
<p><strong>सीमित रही है ट्रस्ट के अन्य सदस्यों की भूमिका<br /></strong>ट्रस्ट के संचालन में सबसे अधिक भूमिका चंपत राय व डॉक्टर अनिल मिश्र की ही रही है। अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास व कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि की भूमिका भी सीमित ही रही, जबकि संस्थापक ट्रस्टी के. परासरन, जगद्गुरु वासुदेवाचार्य, जगद्गुरु विश्वप्रसन्न तीर्थ और युगपुरुष परमानंद अधिक आयु के कारण नियमित रूप से सक्रिय नहीं रह सके। महंत दिनेंद्र दास को भी हाशिये पर रखा गया। कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद हाल ही में डॉ. कृष्ण मोहन को ट्रस्ट में शामिल किया गया। मंदिर प्रकरण में एफआईआर भी उनकी तहरीर पर दर्ज कराई गई है। बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद एक ट्रस्टी का पद पहले से रिक्त है।</p>
<p><strong>क्या ट्रस्ट को भंग करना आसान होगा<br /></strong>विधि मामलों के जानकार अधिवक्ता दीनबंधु चौबे का कहना है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में किया था। इसलिए ट्रस्ट को भंग करना या उसकी जगह नई व्यवस्था लागू करना केवल प्रशासनिक फैसला नहीं होगा। इसके लिए केंद्र सरकार को विधिक प्रक्रिया अपनानी होगी और आवश्यकता पड़ने पर नई अधिसूचना अथवा अन्य वैधानिक प्रावधान करने पड़ सकते हैं।</p>
<p><strong>ट्रस्ट से तैनात कर्मी करते थे गिनती, बैंक देता था वेतन<br /></strong>राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में संबंधित बैंक की भूमिका भी कम नहीं है। ट्रस्ट के माध्यम से तैनात कर्मियों को बैंक ने गणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लगाया था और उन्हें वेतन देता था। बैंक के किसी अधिकारी या कर्मचारी के इतने महत्वपूर्ण कार्य में तैनात न होना भी घोर लापरवाही मानी जा रही है। पुलिस की जांच में ऐसे ही चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं और बैंक की करतूतों की पोल खुल रही है।</p>
<p>पुलिस सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर की दान पेटिकाओं की दो चाबियां रहती हैं। एक चाबी मंदिर ट्रस्ट और दूसरी बैंक को दी गई है। दोनों चाबियां साथ होने पर ही दान पेटिका खुलती थी। वहां से पेटिकाओं को स्ट्रॉन्ग रूम लाकर ताला खोला जाता था और गिनती करके यहीं पर रिसीविंग की व्यवस्था थी। रिसीविंग की तीन प्रतियां बनती थीं। एक प्रति बैंक कर्मी, दूसरी बैंक और तीसरी प्रति ट्रस्ट को मिलती थी। इन पर यहीं हस्ताक्षर भी किए जाते थे।</p>
<p>प्रतिदिन लगभग 20-25 लाख रुपये दान स्वरूप मिलते थे, जिनकी गिनती करके बैंक तक पहुंचाने में बैंक का अपना स्थायी कर्मी नहीं लगा था। बीच-बीच में बैंक के अधिकारी जायजा लेने आते थे। जबकि, खाता संचालन से लेकर धनराशि की गणना करके बैंक तक ले जाने के लिए ट्रस्ट का संबंधित बैंक से अनुबंध है। इसके बावजूद बैंक की ओर से लापरवाही की जाती रही, जिसका फायदा कर्मियों ने उठाया और मोटी रकम पार कर दी। सूत्रों के अनुसार, मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों की सिफारिश और उनके बताए अनुसार सभी कर्मियों को इस कार्य में बैंक ने लगाया था। वर्ष 2016 में बैंक से सेवानिवृत्त हो चुके सुभाष श्रीवास्तव को गणना के समय पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी गई थी। वह पिछले करीब पांच साल से बिना वेतन के मंदिर में सेवा कर रहे थे, लेकिन इस महत्वपूर्ण कार्य की निगरानी में उनके स्तर से भी लापरवाही बरती गई।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, गणना में शामिल कई कर्मी पहले से ही मंदिर में कार्य करते थे। निर्माण पूर्ण होने के बाद उन्हें कार्यमुक्त किया गया तो बाद में बैंक की मिलीभगत से यहीं पर गणना कार्य में लगा दिया गया। इनमें स्वर्गद्वार निवासी मनीष यादव लगभग दो माह पहले ही तैनात हुआ था लेकिन चोरी के खेल में वह सबके साथ ही शामिल हो गया। वह बैंक संबंधी पर्यवेक्षणीय कार्यों में तैनात चंपत राय के चालक टिन्नू का भतीजा है।</p>
<p><strong>सीधे तौर पर दान की गई वस्तुएं सुरक्षित होने का दावा<br /></strong>पुलिस अधिकारी सिर्फ दान पेटिकाओं से ही चोरी की बात स्वीकार रहे हैं, लेकिन मंदिर ट्रस्ट को सीधे तौर से दान की गई कीमती वस्तुएं और नकदी आदि में किसी तरह के गबन से इन्कार कर रहे हैं। हालांकि, निर्माण कार्य के दौरान दिए गए ठेकों में हुई अनियमितताओं पर मौन स्वीकृति दे रहे हैं। उसे अपने स्तर का मुद्दा न होना बताकर पल्ला भी झाड़ रहे हैं।</p>
<p><strong>निगरानी छोड़ ट्रस्ट का प्रबंधन देखते थे आरएमओ<br /></strong>मंदिर में दो कंट्रोल रूम स्थापित हैं। इनमें गणना स्थल पर लगे कैमरे की निगरानी सुनिश्चित कराने का दायित्व आरएमओ अर्जुन देव का है। नियमतः हर समय वहां लगे कैमरे की निगरानी की जानी चाहिए, लेकिन आरएमओ इसका अनुपालन नहीं करा सके। सूत्रों के अनुसार, वह निगरानी कार्य छोड़कर मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन कार्यों में अधिक सक्रिय दिखते थे। गैर जनपद से तैनात सिपाहियों के जिम्मे ही निगरानी जैसा महत्वपूर्ण कार्य होता था। चोरी में शामिल कर्मियों ने इस लापरवाही और ढिलाई का भी खूब फायदा उठाया। फिलहाल अब तक आरएमओ की भूमिका तय नहीं हो सकी है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>UP: संस्कृत छात्रों को हाईस्कूल के बाद सीधे मिलेगा बीएएमएस में दाखिला</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/161230/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 Jun 2026 06:32:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में संस्कृत छात्रों के लिए खुशखबरी है। उन्हें हाईस्कूल के बाद अब सीधे बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस) में दाखिला मिलेगा। इसके लिए प्रदेश में पांच आयुर्वेद गुरुकुलम् शुरू होंगे। ये गाजियाबाद, बस्ती, गोंडा, आगरा और मिर्जापुर जिले में खुलेंगे। संस्कृत छात्रों को विभिन्न तरह के व्यावसायिक कोर्स से जोड़ा जा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="623" height="355" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/iypiyp.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p>उत्तर प्रदेश में संस्कृत छात्रों के लिए खुशखबरी है। उन्हें हाईस्कूल के बाद अब सीधे बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस) में दाखिला मिलेगा। इसके लिए प्रदेश में पांच आयुर्वेद गुरुकुलम् शुरू होंगे। ये गाजियाबाद, बस्ती, गोंडा, आगरा और मिर्जापुर जिले में खुलेंगे।</p>
<p>संस्कृत छात्रों को विभिन्न तरह के व्यावसायिक कोर्स से जोड़ा जा रहा है। इसी रणनीति के तहत राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने मिलकर पारंपरिक वैदिक मूल्यों और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान को जोड़ने के लिए नया फ्रेमवर्क तैयार किया है। हर राज्य में आयुर्वेद गुरुकुलम् शुरू होंगे। इनमें बीएएमएस की पढ़ाई होंगी। हाईस्कूल तक संस्कृत की पढ़ाई करने वाले छात्रों को प्रवेश परीक्षा के जरिये दाखिला दिया जाएगा। इंटीग्रेटेड बीएएमएस कोर्स 7.5 साल का होगा। उत्तर प्रदेश में पांच आयुर्वेद गुरुकुलम् शुरू करने की तैयारी है। आयुष विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है।</p>
<p><strong>कैसे होगा दाखिला</strong><br />आयुर्वेद के मूल ग्रंथ (जैसे- चरक संहिता, सुश्रुत संहिता) संस्कृत में हैं। केंद्रीय संस्कृत विवि नोडल एजेंसी के रूप में काम कर रहा है। सभी आयुर्वेद गुरुकुलम् इसी विवि से संबद्ध होंगे। दाखिले के लिए विवि द्वारा प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। इसे पीएपी एनईईटी नाम दिया गया है। गुरुकुलम् के पास खुद का अस्पताल होगा। जहां छात्रों को व्यावहारिक और क्लिनिकल ट्रेनिंग दी जाएगी</p>
<p><strong>एक वर्ष का होगा इंटर्नशिप</strong><br />यह एक आवासीय ग्रेजुएशन कोर्स है। 10वीं कक्षा के बाद छात्रों को आयुर्वेद डॉक्टर बनने का एक सीधा रास्ता देगा है। यह कोर्स 7.5 साल का होगा। पहले दो वर्ष तक प्री आयुर्वेद शिक्षा और फिर 4.5 वर्ष तक बीएएमएस की पढ़ाई होगी। साथ ही एक वर्ष इंटर्नशिप होगा।</p>
<p><strong>क्या है आयुर्वेद गुरुकुलम्</strong><br />आयुर्वेद गुरुकुलम चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है। इसकी शुरुआत केंद्रीय संस्कृत विवि खुद के परिसरों में इसी वर्ष से करने की तैयारी में है। देश का सबसे पहला मुख्य आयुर्वेद गुरुकुलम् नासिक और दूसरा नई दिल्ली स्थित केंद्रीय संस्कृत विवि में शुरू करने की तैयारी है। केरल में आयुर्वेद गुरुकुलम नाम से निजी पारंपरिक संस्थान व चिकित्सा केंद्र चल रहा है। यहां दुनिया भर के छात्रों को पंचकर्म, आयुर्वेद कॉस्मेटोलॉजी और पारंपरिक केरल चिकित्सा पद्धतियों में शॉर्ट टर्म और डिप्लोमा कोर्सेज कराता है।</p>
<p>आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु का कहना है कि संस्कृत भाषा की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए यह बड़ा अवसर है। संस्कृत छात्र आयुर्वेद की मूल ग्रंथों की पढ़ाई करके चिकित्सक बनेंगे। चरक संहिता, सुश्रुत संहिता सहित अन्य वेदों-पुराण का पाठ करेंगे। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जिसे एक साथ पांच आयुर्वेद गुरुकुलम् का तोहफा मिला है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>लखनऊ अग्निकांड : प्रवेश द्वार पर एसी के पांच आउटर यूनिट देख एसआईटी नाराज</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/161232/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 Jun 2026 06:32:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[अलीगंज अग्निकांड मामले की जांच कर रही एसआईटी ने बृहस्पतिवार को जलकल जोन-तीन कार्यालय का दौरा किया। इसके बाद टीम घटनास्थल पर भी पहुंची। हादसे वाली बिल्डिंग के प्रवेश द्वार पर एसी की पांच आउटर यूनिट और दो एग्जास्ट फैन लगे देख टीम ने विद्युत सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। एसी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="645" height="365" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/yuriur.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/yuriur.jpg 645w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/yuriur-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 645px) 100vw, 645px"></p>
<p>अलीगंज अग्निकांड मामले की जांच कर रही एसआईटी ने बृहस्पतिवार को जलकल जोन-तीन कार्यालय का दौरा किया। इसके बाद टीम घटनास्थल पर भी पहुंची। हादसे वाली बिल्डिंग के प्रवेश द्वार पर एसी की पांच आउटर यूनिट और दो एग्जास्ट फैन लगे देख टीम ने विद्युत सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। एसी की आउटर यूनिट और एग्जास्ट के चलते आने-जाने का एक मात्र रास्ता भी संकरा हो चुका था।</p>
<p>अलीगंज सेक्टर-डी स्थित एक एनीमेशन कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग में सोमवार को भीषण आग लगी थी। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद यह भी सामने आया कि अग्निशमन की गाड़ियां समय नहीं पहुंच पाई थीं। यह भी चर्चा थी कि गाड़ियों को दोबारा पानी लेने के लिए भी समस्या हुई।</p>
<p>इन बिंदुओं की जांच के लिए ही बृहस्पतिवार को एसआईटी अलीगंज सेक्टर-बी में थाने के पास स्थित जलकल जोन-तीन कार्यालय पहुंची थी। टीम ने यह पड़ताल की कि जरूरत पड़ते तो यहां से दमकल की कितनी गाड़ियों को पानी मिल सकता है। जलकल का यह कार्यालय घटना स्थल से करीब दो किमी दूरी पर है।</p>
<p>जलकल के अधिकारियों ने टीम को बताया कि जरूरत पड़ने पर भूमिगत जलाशय से एक साथ 100 गाड़ियों को पानी दिया जा सकता है। कार्यालय में जनरेटर की भी सुविधा है। यदि बिजली न हो तो भी पानी को पंप कर गाड़ियों में भरा जा सकता है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सीएम योगी की पहल: मुरादाबाद में बना सीनियर सिटीजन केयर सेंटर</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/161220/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Jun 2026 12:33:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मुरादाबाद नगर निगम ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए वातानुकूलित सीनियर सिटीजन केयर सेंटर तैयार किया है। केंद्र का उद्देश्य बुजुर्गों को अकेलेपन से दूर कर सामाजिक मेलजोल का अवसर प्रदान करना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहल के तहत मुरादाबाद नगर निगम ने बुजुर्गों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="822" height="367" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/8-13.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/8-13.jpg 822w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/8-13-768x343.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 822px) 100vw, 822px"></p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मुरादाबाद नगर निगम ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए वातानुकूलित सीनियर सिटीजन केयर सेंटर तैयार किया है। केंद्र का उद्देश्य बुजुर्गों को अकेलेपन से दूर कर सामाजिक मेलजोल का अवसर प्रदान करना है।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहल के तहत मुरादाबाद नगर निगम ने बुजुर्गों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त वातानुकूलित सीनियर सिटीजन केयर सेंटर तैयार किया है। इस केंद्र का उद्देश्य बुजुर्गों को ऐसा मंच उपलब्ध कराना है जहां वह अपनी उम्र के लोगों के साथ समय बिता सकें।</p>
<p>इसके साथ ही आपस में संवाद कर अकेलेपन की समस्या से बाहर निकल सकें। अधिकारियों ने बताया कि बदलती सामाजिक परिस्थितियों में पीढ़ियों के बीच बढ़ती दूरी और बुजुर्गों में अकेलेपन की भावना को देखते हुए इस केंद्र की परिकल्पना की गई है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यहां वरिष्ठ नागरिक एक-दूसरे के साथ बैठकर बातचीत कर सकेंगे और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि केंद्र में बुजुर्गों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।</p>
<p>इसके अलावा बच्चों के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे परिवार के सदस्य एक साथ समय बिता सकें। बताया गया कि मुख्यमंत्री ने काफी समय पहले इस अवधारणा को लेकर निर्देश दिए थे। जिसके अनुरूप इस परियोजना को तैयार किया गया है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>2027 विधानसभा चुनाव से पहले UP BJP की नई टीम का ऐलान</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/161214/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Jun 2026 09:34:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ: आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपने संगठन को नया स्वरूप दे दिया है। पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश स्तर पर व्यापक बदलाव करते हुए नई टीम की घोषणा की है, जिसमें सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने के साथ-साथ नए चेहरों को भी अहम जिम्मेदारियां &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="990" height="522" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/6-23.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/6-23.jpg 990w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/6-23-768x405.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 990px) 100vw, 990px"></p>
<p><strong>लखनऊ: </strong>आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपने संगठन को नया स्वरूप दे दिया है। पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश स्तर पर व्यापक बदलाव करते हुए नई टीम की घोषणा की है, जिसमें सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने के साथ-साथ नए चेहरों को भी अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। भाजपा ने 46 पदाधिकारियों के नामों का ऐलान करते हुए संगठन को चुनावी मोड में लाने का संकेत दिया है।</p>
<p>नई सूची में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र नीरज सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। उन्हें विधायक पंकज सिंह के स्थान पर संगठन में यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। वहीं बाराबंकी की वरिष्ठ नेता प्रियंका रावत को पदोन्नत कर महामंत्री से प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। </p>
<p><strong>पूजा पाल को भी मिली अहम जिम्मेदारी</strong><br />भाजपा ने संगठन विस्तार के साथ राजनीतिक संदेश देने की भी कोशिश की है। समाजवादी पार्टी से जुड़ी रही पूजा पाल को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी का मानना है कि विभिन्न सामाजिक वर्गों और क्षेत्रों के प्रभावशाली चेहरों को संगठन में शामिल कर आगामी चुनावों के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा सकता है।</p>
<p><strong>उपाध्यक्ष पद पर कई नए चेहरे</strong><br />पार्टी ने प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर, धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, देवेश कोरी, प्रियंका रावत, दर्विुर्विजय शाक्य, रमेश सिंह, नीरज सिंह, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह, कृतिका अग्रवाल, सुरेश मौर्य, राजेश यादव, कृष्ण बिहारी राय और आलोक गुप्ता को जिम्मेदारी सौंपी है।</p>
<p><strong>महामंत्रियों की टीम में भी बदलाव</strong><br />प्रदेश महामंत्री के रूप में रामप्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, संजय राय, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें संजय राय पर एक बार फिर पार्टी ने भरोसा जताया है, जबकि राजेश चौधरी को भी संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी गई है।</p>
<p><strong>क्षेत्रीय अध्यक्षों की भी घोषणा</strong><br />भाजपा ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए नए क्षेत्रीय अध्यक्षों का भी ऐलान किया है। पश्चिम क्षेत्र की जिम्मेदारी नबाब सिंह नागर, ब्रज क्षेत्र की पूरन लाल लोधी, कानपुर क्षेत्र की राम किशोर साहू, अवध क्षेत्र की अवधेश द्विवेदी, काशी क्षेत्र की अशोक चौरसिया और गोरखपुर क्षेत्र की विनोद राय को दी गई है।</p>
<p><strong>युवा मोर्चा की कमान रोहित मिश्रा को</strong><br />युवाओं के बीच संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से रोहित मिश्रा को भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा प्रकाश पाल को पिछड़ा वर्ग मोर्चा, देवेंद्र सिंह को किसान मोर्चा, अशोक रावत को अनुसूचित मोर्चा, सरोज कुशवाह को महिला मोर्चा और विद्याभूषण गोंड को अनुसूचित जनजाति मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।</p>
<p><strong>सोशल इंजीनियरिंग पर भाजपा का फोकस</strong><br />राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार भाजपा की नई टीम में सामाजिक और जातीय संतुलन को विशेष महत्व दिया गया है। विभिन्न वर्गों और समुदायों के प्रतिनिधित्व को बढ़ाते हुए संगठन को अधिक व्यापक बनाने की कोशिश की गई है। पार्टी का लक्ष्य 2027 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना है। नई टीम के गठन को भाजपा की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए पार्टी प्रदेश में अपनी राजनीतिक पकड़ और मजबूत करने की तैयारी में जुटी है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>लखनऊ अग्निकांड पर सख्त हुए सीएम योगी, पूरे प्रदेश में फायर ऑडिट का दिया आदेश</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/161200/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Jun 2026 06:33:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण आग हादसे को प्रदेश के लिए एक ‘बड़ा सबक’ बताते हुए कहा कि इस पीड़ादायक घटना से सीख लेते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा ना हो। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="988" height="519" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/6-22.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/6-22.jpg 988w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/6-22-768x403.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 988px) 100vw, 988px"></p>
<p><strong>लखनऊ : </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण आग हादसे को प्रदेश के लिए एक ‘बड़ा सबक’ बताते हुए कहा कि इस पीड़ादायक घटना से सीख लेते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा ना हो। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कहा कि सोमवार को हुआ भीषण हादसा प्रदेश के लिये एक बड़ा सबक है और इससे सीख ली जानी चाहिये ताकि भविष्य में ऐसा फिर कभी ना हो। उन्होंने कहा कि इसके लिए शासन, प्रशासन और आमजन को मिलकर अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। </p>
<p>उन्होंने प्रदेश में मिशन मोड में व्यापक अग्निशमन उपायों के ऑडिट का अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी जिलों में अस्पतालों, नर्सिंग होम, मेडिकल कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल, सरकारी भवनों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच करके आवश्यक सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि यह अभियान पूरी तरह जनहित में चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान के नाम पर किसी भी व्यक्ति का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि हर जिले में विशेष टीम गठित कर फायर ऑडिट अभियान चलाया जाए तथा सभी कोचिंग संस्थानों का विधिवत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक भवनों में अग्निशमन विभाग से प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) को भवन परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। आदित्यनाथ ने कहा कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन नहीं होना चाहिए तथा निर्धारित उपयोग के विपरीत किसी भी प्रकार की गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी। </p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>15 मौतों वाले लखनऊ अग्निकांड पर एक्शन मोड में सरकार, SIT और LDA की टीम करेगी गहन जांच</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/161188/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jun 2026 09:32:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में आग लगने के कारण झुलसने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई जबकि नौ लोग घायल हो गए। जांच के लिए गठित की गई एसआईटीइस मामले की जांच के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="991" height="514" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/3-28.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/3-28.jpg 991w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/3-28-768x398.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 991px) 100vw, 991px"></p>
<p><strong>लखनऊ :</strong> उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में आग लगने के कारण झुलसने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई जबकि नौ लोग घायल हो गए।</p>
<p><strong>जांच के लिए गठित की गई एसआईटी</strong><br />इस मामले की जांच के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। राज्य सरकार की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने देर रात हुई उच्चस्तरीय बैठक में एसआईटी के गठन का आदेश दिया।</p>
<p><strong>सात दिन में रिपोर्ट सौंपेगी टीम</strong><br />बयान के अनुसार एसआईटी में पर्यटन, धर्मार्थ और संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है और उसे सात दिन में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।</p>
<p><strong>SIT CM Yogi को सौंपेगी अपनी रिपोर्ट </strong><br />लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के मामले की जांच मंगलवार से शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) आज घटनास्थल का दौरा कर हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर सकती है। माना जा रहा है कि निरीक्षण और साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसे मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा। आगे की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई इसी रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।</p>
<p>वहीं, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने भी मामले की जांच के लिए अलग से एक समिति का गठन किया है। यह समिति भी आज घटनास्थल पर पहुंचकर निर्माण संबंधी दस्तावेजों, सुरक्षा मानकों और अन्य पहलुओं की जांच कर सकती है। प्रशासन हादसे के कारणों और संभावित लापरवाही की जिम्मेदारी तय करने के लिए कई स्तरों पर जांच कर रहा है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>लखनऊ अग्निकांड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया गहरा शोक</title>
		<link>https://ameerbharat.com/NewsArticle/161186/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jun 2026 09:32:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पुरनिया स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण और हृदयविदारक अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। 14 मासूम छात्र-छात्राओं की जिंदा जलने से हुई इस दर्दनाक मौत पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="741" height="498" src="https://ameerbharat.com/wp-content/uploads/2026/06/1-33.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p><strong>लखनऊ: </strong>उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पुरनिया स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण और हृदयविदारक अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। 14 मासूम छात्र-छात्राओं की जिंदा जलने से हुई इस दर्दनाक मौत पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी ने इस हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों और घायलों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से तत्काल वित्तीय सहायता को मंजूरी दे दी है।</p>
<p><strong>मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार की सहायता</strong><br />प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भीषण हादसे का संज्ञान लेते हुए घोषणा की है कि अग्निकांड में जान गंवाने वाले मासूमों और अन्य लोगों के शोक संतप्त परिजनों को केंद्र सरकार की तरफ से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, इस दर्दनाक हादसे में गंभीर रूप से झुलसे और विभिन्न अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।</p>
<p><strong>पीएम ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की</strong><br />दिल्ली से इस बड़ी त्रासदी पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी आग की यह घटना अत्यंत पीड़ादायक है। जिन परिवारों ने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।” प्रधानमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए हादसे में झुलसे सभी छात्र-छात्राओं और लोगों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की है।</p>
<p>गौरतलब है कि लखनऊ में मची इस महात्रासदी के बाद राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अपना अलीगढ़ दौरा बीच में रद्द कर सीधे लखनऊ लौट रहे हैं, वहीं केंद्रीय स्तर से भी इस घटना पर लगातार नजर रखी जा रही है।</p>
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