पिछले दो मैचों में बल्लेबाजों की विफलता के कारण हार का सामना करने वाली पंजाब किंग्स की टीम को अगर अपना अभियान वापस पटरी पर लाना है तो उसे बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद के विरुद्ध होने वाले आईपीएल-2026 मुकाबले में फिर से अपनी आक्रामक लय हासिल करनी होगी।
लगातार छह मैच जीतने वाली पंजाब की टीम पिछले दो मैचों में लड़खड़ा गई है। इन मैचों में हार ने उसकी उन कमजोरियों को उजागर किया है जिन्हें वह जल्द से जल्द दूर करना चाहेगी।
गलतियों की गुंजाइश नहीं
पंजाब किंग्स भले ही नौ मैचों में 13 अंकों के साथ तालिका में शीर्ष पर बना हुआ है, लेकिन अब गलतियों की गुंजाइश काफी कम हो गई है, क्योंकि आरसीबी, सनराइजर्स हैदराबाद, राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस सभी उससे केवल एक अंक पीछे हैं। बल्लेबाजों की नाकामी के कारण पंजाब किंग्स को पिछले कुछ मैच में हार का सामना करना पड़ा।
इससे पहले के मैचों में उसके बल्लेबाजों ने अपने आक्रामक अंदाज का शानदार नमूना पेश किया था। बल्लेबाजों के अच्छे प्रदर्शन के कारण इन मैचों में उसकी गेंदबाजी की कमियों पर किसी का खास ध्यान नहीं गया। शुरुआती दौर में लय बनाने वाले शीर्ष क्रम के बल्लेबाज लड़खड़ा गए हैं। प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह और कूपर कोनोली की युवा तिकड़ी की आक्रामक रणनीति लापरवाही में बदल गई है। इससे टीम को शुरुआती झटके सहने पड़े और मध्य क्रम को पारी संभालने की जिम्मेदारी उठानी पड़ी।
मध्य क्रम भी परेशान
पंजाब किंग्स का मध्य क्रम भी चोटी के बल्लेबाजों की विफलता के बाद अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया जबकि पूरे टूर्नामेंट के दौरान उसकी गेंदबाजी बहुत अच्छी नहीं रही है। यहां तक कि पंजाब किंग्स जब जीत दर्ज कर रहा था तब भी उसके गेंदबाजों ने विपक्षी बल्लेबाजों को बीच-बीच में खुलकर रन बनाने दिए हैं।
गेंदबाजों को करना होगा बेहतर प्रदर्शन
यही नहीं उसकी गेंदबाजी में महत्वपूर्ण मौकों पर अनुशासन की कमी के कारण अच्छा अंत करना लगातार एक समस्या बनी हुई है। अब जबकि टूर्नामेंट महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है तब पंजाब को सनराइजर्स के विरुद्ध यहां की बल्लेबाजी के लिए अनुकूल परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा और स्पष्ट रणनीति के साथ मैदान पर उतरना होगा।
वापसी की फिराक में हैदराबाद
तीसरे स्थान पर काबिज सनराइजर्स की टीम पिछले मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स से सात विकेट से मिली हार से उबरने के लिए बेताब होगी। इस हार से उसकी लगातार पांच मैचों की जीत का सिलसिला टूट गया। इससे पैट कमिंस की अगुवाई वाली टीम ने अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंचने का मौका भी गंवा दिया था।
उस मैच में ट्रेविस हेड और ईशान किशन को छोड़कर बाकी बल्लेबाज नहीं चल पाए। लेकिन सनराइजर्स की बल्लेबाजी बेहद मजबूत है जिसमें हेड और किशन के अलावा अभिषेक शर्मा और हेनरिक क्लासेन जैसे धुरंधर बल्लेबाज शामिल हैं। कप्तान पैट कमिंस की वापसी से सनराइजर्स की गेंदबाजी को मजबूती मिली है। उसके तेज गेंदबाजों ने डेथ ओवरों में अच्छा प्रदर्शन किया है।
दोनों टीमें इस प्रकार हैं-:
सनराइजर्स हैदराबाद: पैट कमिंस (कप्तान), सलिल अरोड़ा, ईशान किशन, हेनरिक क्लासेन, ट्रेविस हेड, रविचंद्रन अश्विन, अनिकेत वर्मा, अभिषेक शर्मा, हर्ष दुबे, क्रेन्स फुलेट्रा, लियाम लिविंगस्टन, कामिंदु मेंडिस, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षल पटेल, शिवम मावी, शिवांग कुमार, अमित कुमार, जेराल्ड कोएट्जी, प्रफुल्ल हिंगे, साकिब हुसैन, दिलशान मदुशंका, इशान मलिंगा, ओंकार तरनाले, जयदेव उनादकट, जीशान अंसारी।
पंजाब किंग्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्या, हरनूर सिंह, प्रभसिमरन सिंह, मिचेल ओवेन, नेहाल वढेरा, अजमतुल्लाह उमरजई, मार्को यानसेन, मुशीर खान, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, सूर्यांश शेडगे, अर्शदीप सिंह, जेवियर बार्टलेट, युजवेंद्र चहल, लॉकी फग्र्युसन, हरप्रीत बराड़, विजयकुमार विशाक, यश ठाकुर, कूपर कोनोली, बेन ड्वारशुइस, प्रवीण दुबे, विशाल निषाद, पाइला अविनाश, विष्णु विनोद।



