लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि चुनाव में किसी भी आपराधिक छवि वाले को पार्टी टिकट नही देगी। साथ ही उम्मीदवारों के चयन में सर्वसमाज को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी की अहम बैठक में पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों को तेज करने पर जोर दिया।
‘देश और जनहित के प्रति सरकारों की उदासीनता से जनता त्रस्त है’
बैठक में मायावती ने पार्टी के पिछले दिशा-निर्देशों की समीक्षा करते हुए कहा कि देश और जनहित के प्रति सरकारों की उदासीनता से जनता त्रस्त है और अब वह उम्मीद भरी नजरों से बसपा की ओर देख रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा, मेहनत और लगन के साथ काम करना होगा, किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि खासकर उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और गरीब राज्य में रोजगार, महंगाई और आजीविका की समस्याएं लगातार गंभीर होती जा रही हैं। सरकारें इन मुद्दों पर ठोस समाधान देने के बजाय केवल वादों और जुमलेबाजी तक सीमित हैं, जिससे आमजन का जीवन और कठिन हो गया है।
‘सबसे ज्यादा असर गरीब और मेहनतकश वर्ग पर पड़ा है’
मायावती ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि वैश्विक तनाव, विशेषकर अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण पेट्रोल, गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और मेहनतकश वर्ग पर पड़ा है, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं। उन्होंने आत्मनिर्भरता के मुद्दे पर कहा कि यह केवल नारा नहीं बल्कि इसे वास्तविकता में बदलने की जरूरत है।
‘हितों की रक्षा के लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी’
इसके लिए सरकार को दीर्घकालीन और सर्वसम्मति आधारित नीति बनानी चाहिए, जिसमें सभी दलों को शामिल किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने 14 अप्रैल को भीमराव अम्बेडकर जयंती को पूरे प्रदेश में मिशनरी भावना से मनाने का आह्वान किया और लखनऊ स्थित अम्बेडकर स्मारक पर बड़ी संख्या में पहुंचकर श्रद्धांजलि देने की अपील की। उन्होंने आरक्षण और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि बहुजन समाज के हितों की रक्षा के लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी है।

