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IPL टीम स्पॉन्सरशिप ने पार किया 1000 करोड़ का आंकड़ा

आईपीएल आज के दौर में सिर्फ एक क्रिकेट लीग नहीं, बल्कि एक बड़ा बिजनेस मॉडल बन चुका है। 2025 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईपीएल टीमों की स्पॉन्सरशिप से कमाई 1000 करोड़ रुपये से पार की आंकी गई है। इससे ये समझ आता है कि कंपनियां अब क्रिकेट को अपने ब्रांड के प्रचार के लिए सबसे बेस्ट जरिया मान रही हैं।

क्यों IPL टीम की स्पॉन्सरशिप बढ़ रही हैं?

आईपीएल में पहले फैंटेसी गेमिंग कंपनियों का दबदबा था, लेकिन अब नियमों में बदलाव के बाद कई नए सेक्टर जुड़ गए हैं। टेक्नोलॉजी, एविएशन, फिनटेक और ग्रीन एनर्जी जैसी कंपनियां भी आईपीएल टीमों को स्पॉन्सर कर रही हैं। इससे लीग की कमाई और ज्यादा हो रही है।

इसके अलावा, अब कई इंटरनेशनल ब्रांड्स भी आईपीएल से जुड़ रहे हैं, जिससे लीग की पहचान भारत के बाहर भी बढ़ रही हैं। 

कौन-सी टीमें सबसे आगे हैं?

आईपीएल की सभी टीमों बराबर की कमाई नहीं कर पाती है। कुछ टीमें जो स्पॉन्सरशिप में सबसे आगे हैं वो- मुंबई इंडियंस, आरसीबी, सीएसके है। ये तीनों टीमें हर साल करीब 150 करोड़ रुपये तक की स्पॉन्सरशिप कमाती हैं। इनके बाद केकेआर, गुजरात टाइटंस दूसरे स्थान पर आते हैं, जबकि बाकी टीमें मिलकर कुल आंकड़े को 1000 करोड़ रुपये के पार ले जाती हैं। 

इस बीच WPP Media के एमडी विनीत कार्णिक का कहना है कि IPL सिर्फ बड़ा नहीं है, बल्कि यह भारतीय खेल वाणिज्य की रीढ़ की हड्डी है। ये दिखाता है कि अगर किसी इवेंट के पास बहुत सारे दर्शक हैं, तो पुराने और नए दोनों तरह के स्पॉन्सर पैसा लगाने के लिए तैयार रहते हैं।

IPL की दुनिया की बाकी बड़ी लीग से तुलना

जब IPL की तुलना दुनिया की बाकी दिग्गज लीगों से करते हैं, तो इसके नतीजे हैरान करने वाले हैं। इंग्लिश प्रीमियर लीग (EPL) दुनिया की सबसे अमीर फुटबॉल लीग है, जिसकी सालाना कमाई 6 बिलियन पाउंड से ज्यादा है। लेकिन, हर मैच के कमाई के मामले में IPL ने EPL को भी पीछे छोड़ दिया है। अब दुनिया में केवल NFL ही प्रति मैच कमाई में IPL से आगे है।

आईपीएल की खास बात यह है कि ये सिर्फ 2 महीने में ही इतनी बड़ी कमाई कर लेता है, जबकि बाकी लीग्स पूरे साल चलती हैं।

इसका क्या असर होगा?

इस बढ़ती स्पॉन्सरशिप का फायदा टीमों और खिलाड़ियों दोनों को मिलता है। टीमों को आर्थिक मजबूती मिलती है और वे बेहतर खिलाड़ियों में निवेश कर सकती हैं। साथ ही, नए ब्रांड्स के आने से दर्शकों को भी अलग-अलग अनुभव मिलते हैं।

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