अमेरिका-इस्राइल के संयुक्त हमलों और पश्चिमी देशों के सख्त प्रतिबंधों के चलते ईरान की करेंसी तेजी से गिर रही है। इसके बावजूद ईरान विदेशों से मशीनरी, ईंधन और सैन्य उपकरणों की खरीद के लिए भुगतान कर रहा है और इसके लिए ऐसे वित्तीय मार्ग का इस्तेमाल कर रहा है, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी नियंत्रित नहीं कर सकते हैं। वह रास्ता क्रिप्टो करेंसी का है। इसी के दम पर ईरान अमेरिका-इस्राइल समेत अन्य देशों पर मिसाइलें दाग रहा है।
इसका तरीका बेहद सरल है, बिटकॉइन माइनिंग करो और फिर उसी से भुगतान करो। क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग वह प्रक्रिया है, जिसके जरिये ब्लॉकचेन नेटवर्क पर लेनदेन की पुष्टि की जाती है और नए डिजिटल कॉइन फिर लेनदेन के काम में लाए जाते हैं। अमेरिका के बिटकॉइन रणनीतिकार जेक पर्सी का कहना है कि ईरान 1,300 डॉलर की लागत में एक बिटकॉइन माइन कर सकता है, जबकि बाजार कीमत 73,000 डॉलर है। यानी हर सिक्के पर ईरान को 71,700 डॉलर का फायदा होता है। इसका इस्तेमाल वैश्विक बैंकिंग प्रणाली के बाहर किया जा सकता है। इस रणनीति से ईरान पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों की पूरी व्यवस्था में एक बड़ा लूपहोल तैयार हो गया है।
आर्थिक प्रयोग बताया गया था
जब तेहरान ने 2019 में बिटकॉइन माइनिंग को कानूनी रूप दिया था, तो अधिकारियों ने इसे आर्थिक प्रयोग करार दिया था। अब विश्लेषकों का कहना है कि यह प्रतिबंधों से बचने वाला भुगतान नेटवर्क बन गया है। माइनिंग से बनने वाला बिटकॉइन सीधे सरकार के नियंत्रण वाले डिजिटल वॉलेट में भेजा जा सकता है। उसी से लेनदेन किया जाता है। इससे तेहरान विदेशों से मशीनरी, तेल-गैस और सैन्य उपकरण खरीद सकता है।
अमेरिकी ट्रेजरी का नियंत्रण नहीं
बिटकॉइन माइनिंग प्रक्रिया में कोई स्विफ्ट (एसडब्ल्यूआईएफटी) हस्तांतरण नहीं है, कोई विदेशी बैंक मध्यस्थ का काम नहीं करता है और अमेरिकी ट्रेजरी का भी कोई नियंत्रण नहीं है। स्विफ्ट हस्तांतरण यानी सोसाइटी फॉर वर्ल्डवाइड इंटरबैंक फाइनेंशियल टेलीकम्युनिकेशन, दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैंकों के बीच लेनदेन के लिए सबसे सुरक्षित, विश्वसनीय और मानक मैसेजिंग प्रणाली है।
एक ही साल में खातों से 3 अरब डॉलर से अधिक का लेनदेन
ब्लॉकचेन विश्लेषण कंपनी चेनालिसिस के अनुसार, 2025 में ईरान की क्रिप्टो प्रणाली करीब 7.78 अरब डॉलर तक पहुंच गई। प्रतिबंधों के बावजूद यह तेजी से बढ़ रही है। 2025 के अंत में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर जुड़े खाते ईरान में आने वाले कुल क्रिप्टो फंड के आधे से ज्यादा हिस्से के लिए जिम्मेदार थे। एक ही साल में इन खातों में 3 अरब डॉलर से ज्यादा का लेनदेन हुआ। जेक पर्सी ने कहा कि यह आम लोगों का निवेश नहीं है। यह सरकार और सेना का वित्तीय ढांचा है। इस प्रणाली की खासियत यह है कि यह पब्लिक लेजर पर चलता है। हर बिटकॉइन लेनदेन हमेशा के लिए ब्लॉकचेन पर रिकॉर्ड हो जाता है यानी जिस तकनीक से प्रतिबंधों से बचा जा रहा है, वही एक नई तरह की खुफिया जानकारी भी पैदा कर रही है।



