मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान ने युद्ध की तबाही से बचने के लिए वार्ता की इच्छा जाहिर की है और गुप्त चैनलों के माध्यम से अमेरिका से संपर्क साधकर संघर्ष समाप्त करने की शर्तों पर बातचीत का प्रस्ताव दिया है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के खुफिया मंत्रालय के एजेंटों ने किसी तीसरे देश की खुफिया एजेंसी के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिकी सीआईए से संपर्क किया है, और जंग खत्म करने की शर्तों पर चर्चा की पेशकश की है।
जंग खत्म करने की कोशिश
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान ने अमेरिका को सीक्रेट तौर पर बातचीत का प्रस्ताव भेजा है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, ईरान की खुफिया एजेंसी के अधिकारियों ने CIA से इनडायरेक्ट कॉन्टेक्ट कर जंग खत्म करने की कोशिश की है।
अमेरिका ने नहीं आई प्रतिक्रिया
ईरान के एजेंटों ने सीक्रेट चैनलों के जरिए CIA तक संदेश पहुंचाया और जंग खत्म करने के लिए बातचीत की संभावना तलाशने की कोशिश की। हालांकि, इसको लेकर अमेरिकी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि ईरान के लिए बातचीत शुरू करने का समय निकल चुका है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है।
फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप पर हमला
गौरतलब है कि आज अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का छठा दिन है। इस बीच इजरायल ने लेबनान के त्रिपोली शहर में स्थित फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप पर हमला किया है। यह हमला बेद्दावी रिफ्यूजी कैंप में हुआ, जो उत्तरी लेबनान का सबसे बड़ा फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप माना जाता है।
वहीं, ईरान ने इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है। एक ईरानी सैन्य अधिकारी ने कहा कि अगर अमेरिका और इजरायल, ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश करते हैं, तो ईरान इजराइल के डिमोना न्यूक्लियर सेंटर को निशाना बना सकता है।


