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AI का डर कम होते ही IT शेयरों में उछाल, एंथ्रोपिक के इस कदम से भी मिला सपोर्ट

बुधवार को इंफोसिस, विप्रो और टीसीएस सहित भारतीय आईटी शेयरों में 5% तक की तेजी देखी गई। अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक द्वारा SaaS फर्मों के साथ साझेदारी से एआई व्यवधान की चिंताएं कम हुईं।

बुधवार को इंफोसिस, विप्रो और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसी इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) कंपनियों के शेयर 5% तक उछले हैं। अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) ने SaaS फर्मों के साथ कई पार्टनरशिप साइन कीं, जिससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होने वाली संभावित रुकावट की चिंता कम हो गई। इसी के नतीजे में आज आईटी शेयरों में मजबूती है। करीब 12 बजे BSE पर इंफोसिस, टीसीएस, केपीआईटी टेक, मास्टेक, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा में 2 से 4 फीसदी तक की तेजी दिख रही है।

5 दिन से गिर रहे थे IT शेयर
बीते 5 दिन से आईटी शेयरों में बिकवाली देखने को मिल रही थी। इस बीच एंथ्रोपिक ने अपने एंटरप्राइज एजेंट इवेंट में कई कोलेबोरेशन के बारे में बताया, जिससे इन्वेस्टर का यह डर शांत हुआ कि AI टेक्नोलॉजी सॉफ्टवेयर सेक्टर में काफी रुकावट डाल सकती है। एंथ्रोपिक ने अपने क्लॉड कोवर्क प्लेटफॉर्म में भी अपडेट पेश किए।

ग्लोबल लेवल पर हुई बेहतर स्थिति
ग्लोबल टेक शेयरों स्थिरता देखी गयी है। दरअसल नई रिपोर्ट्स में AI डेवलपर्स और IT सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच संभावित सहयोग का संकेत मिला है, जिसके बाद, इन्वेस्टर्स इस बात से ज्यादा सहज हो गए हैं कि यह बदलाव मुश्किल हो सकता है, लेकिन नुकसानदायक नहीं।
इस विश्वास ने कि AI कंपनियाँ भारतीय IT कंपनियों की जगह लेने के बजाय उनके साथ काम कर सकती हैं, निवेशकों की घबराहट कम कर दी है।

ओवरसोल्ड जोन में पहुंचे आईटी शेयर
आईटी शेयरों में रिबाउंड की उम्मीदों को इस बात से और बढ़ावा मिल रहा है कि इनमें से कई IT स्टॉक अब “ओवरसोल्ड” जोन में हैं। साल के पहले दो महीनों में ही, निफ्टी IT इंडेक्स के 10 में से सात स्टॉक 20% या उससे ज्यादा गिर चुके हैं।
इस बड़े करेक्शन यानी गिरावट के बाद, निफ्टी IT इंडेक्स अब निफ्टी 500 के मुकाबले आठ साल के सबसे निचले लेवल पर ट्रेड कर रहा है, जिससे वैल्यू की तलाश में लगे निवेशकों का ध्यान इस ओर जा रहा है।

मार्केट पर क्या पड़ सकता है असर?
जानकारों का मानना है कि एंथ्रोपिक के क्लाउड चैटबॉट के IT फर्मों के साथ सॉफ्टवेयर और सर्विसेज में पार्टनरशिप बनाने की खबर से पता चलता है कि भारतीय IT फर्मों के लिए सहयोग के मौके होंगे। अगर IT स्टॉक्स में कमजोरी कम होती है और सेगमेंट में सुधार होता है, तो FII की खरीदारी से मार्केट में तेजी आ सकती है।

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