देश-विदेश

एपस्टीन फाइल्स में ‘भारतीय’ महिला का जिक्र, क्या यौन अपराधी जेफरी की शिकार बनी थी?

अमेरिकी न्याय विभाग ने हाल ही में यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के मामले में जारी दस्तावेजों में संकेत दिया कि सहायता और मुआवजे के लिए भारत में मौजूद एक महिला का पता लगाया गया। दस्तावेजों में एफबीआई को भेजी गई ईमेल और थेरेपी सत्रों की संभावनाओं का भी जिक्र है, जिसमें महिला की मदद के लिए संसाधन उपलब्ध कराने पर सवाल उठाए गए।

अमेरिका के न्याय विभाग (डीओजे) की ओर से हाल में जारी दस्तावेज किए गए हैं, जो यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के मामले से जुड़े हैं। ये दस्तावेज बताते हैं कि अमेरिकी अधिकारियों ने पीड़ित सहायता योजनाओं के तहत मुआवजा और चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए कथित तौर पर भारत में मौजूद एक महिला का पता लगाने की कोशिश की थी।

ईमेल में संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) को भेजे गए दस्तावेजों का भी जिक्र किया गया था और यह भी बताया गया था कि पात्र लोगों के लिए आपात पीड़ित सहायता कार्यक्रमों के तहत थेरेप सत्रों के लिए कवरेज उपलब्ध है।

ईमेल में क्या लिखा?
ईमेल में दस्तावेज संख्या ईएफटीए00038425 में ‘न्यूयॉर्क अपराध पीड़िता के लिए मुआवजे लिंक’ का जिक्र है। इसमें लिखा है, कृपया उनसे आवेदन पत्र भरवाकर मुझे भेजें। मैं इसे सीधे एफबीआई के दस्तावेजों के साथ भेज दूंगा।

दस्तावेज के एक हिस्सों में यह भी लिखा था- वर्तमान में भारत में रह रही हैं। क्या उनकी मदद के लिए कुछ किया जा सकता है? क्या वे वहां भी छह निशुल्क सत्रों की पात्र होंगी? क्या भारत में कोई संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते हैं? ईमेल भेजने वाले का नाम छिपाया गया था। ये रिकॉर्ड तीस जनवरी को अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से सार्वजनिक किए दस्तावेजों का हिस्सा थे।

अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जारी 30 लाख से अधिक पन्नों के दस्तावेजों में कई राजनेताओं, राजनयिकों, कारोबारियों और शाही परिवार के सदस्यों के नाम सामने आए। इन दस्तावेजों में उनके अमेरिकी कारोबारी और दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से संबंधों का खुलासा हुआ, जिसके बाद कई लोगों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। जांच शुरू हुई और कुछ लोगों को अपने पद भी छोड़ने पड़े।

पूर्व प्रिंस एंड्रयू को छोड़कर बाकी लोगों पर किसी तरह के यौन अपराध का आरोप नहीं है। हालांकि, दोषी यौन अपराधी साबित होने के बाद भी जेफरी एपस्टीन के साथ दोस्ताना संबंध बनाए रखने के कारण कई लोगों को पद से हटना पड़ा। इन दस्तावेजों का आखिरी हिस्सा 30 जनवरी को अमेरिकी न्याय विभाग ने जारी किया।

Related Articles

Back to top button