रोम के एक गिरजाघर में स्थापित चेरुब (फरिश्ते जैसा बच्चा) की तस्वीर को लेकर हंगामा खड़ा हो गया है। इस विवाद की वजह है कि चेरुब की तस्वीर इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी की शक्ल से मेल खाती है।
इतालवी समाचार पत्रों ने मेलोनी जैसी दिखने वाली इस चेरुब(जिसे देवदूत माना जाता है) की तस्वीरें प्रकाशित की है। इसपर जनता ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है।
यह मामला इतना बड़ा हो गया कि रोम का डियोसीज और इटली की संस्कृति मंत्रालय ने जांच शुरू कर दी है। लोग इसे राजनीतिक संदेश मान रहे हैं, क्योंकि चेरुब राजा के सामने झुकता हुआ दिख रहा है।
यह सब 2000 में बने एक चैपल की रेनोवेशन से शुरू हुआ। वहां इटली के आखिरी राजा उम्बर्टो II की मूर्ति है, जिसके साथ दो फरिश्ते बने हैं। एक फरिश्ता इटली का नक्शा पकड़े राजा के सामने घुटनों पर है। हाल में 2023 से शुरू हुई पानी की रिसाव की वजह से मरम्मत हुई। लेकिन रेस्टोरेशन के बाद इस चेरुब का चेहरा बदल गया और अब यह मेलोनी जैसा लगता है।
क्यों हंगामा है बरपा?
इतालवी अखबारों ने पहले और बाद की तस्वीरें छापीं है। इससे विवाद भड़क उठा। संस्कृति मंत्रालय के मंत्री अलेसांद्रो गिउली ने जांच का आदेश दिया कि क्या रेस्टोरर ने जानबूझकर मेलोनी का चेहरा बनाया। रोम के डियोसीज ने भी कहा कि 2000 के मूल तस्वीर में ऐसा चेहरा नहीं था। रेस्टोरेशन में चेरुब के चेहरे को बदलना बिना इजाजत किया गया काम था। अब पुराने दस्तावेज और फोटो देखकर पता लगाया जा रहा है कि पहले यह कैसा दिखता था।
चर्च अब पर्यटकों और लोगों से भरा रहता है, क्योंकि लोग मेलोनी की शक्ल से मिलते चेरुब को देखने आ रहे हैं। लोगों ने इसे “मेलोनी चैपल” नाम दे दिया है। कुछ इसे मजाकिया मान रहे हैं, तो कुछ राजनीतिक साजिश कह रहे हैं।
मेलोनी का मजाकिया जवाब
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, “नहीं, मैं बिल्कुल फरिश्ते जैसी नहीं दिखती।”
उनका यह जवाब काफी वायरल हुआ। मेलोनी की दक्षिणपंथी पार्टी की जड़ें नेो-फासिस्ट पार्टी में हैं। ये पार्टी मुसोलिनी के बाद बनी है। इटली ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद राजशाही को खारिज कर दिया था, क्योंकि राजा ने मुसोलिनी का साथ दिया था। इसलिए चेरुब का राजा के सामने झुकना और मेलोनी जैसा चेहरा कई लोगों को राजनीतिक साजिश लग रहा है।

